सेवा - service

सेवा - service

क्या सेवा या उत्पाद अलग अलग है, यह बहस एक लंबे असे अकादमिक विश्व में सुरु है। सेवा एक आर्थिक गतिविधि है जहां मूल्य का एक सारहीन आदान प्रदान होता है। ऐतिहासिक तरीकेसे एडम स्मिथ की प्रसिद्ध पुस्तक, राष्ट्र का धन, १७७६ में ग्रेट ब्रिटेन में प्रकाशित हुआ उन्होंने यह बताया की "उत्पादक" और "अनुत्पादक" श्रम क्या अंतर है उस पुस्तिका में यह बताया गया की कोई उत्पाद बना ने के बाद आप उसे संग्रहित करके किसी दुसरे रूप के मूल्य में आदान प्रदान कर सकते है। इस विषय पर चर्चा कर फ्रेंच अर्थशास्त्री जीन बैप्टिस्ट कहते हैं कि उत्पादन और खपत सेवाओं में अविभाज्य है, और साथ ही कुछ अलग गुण सेवावो के साथ जुड़े है, एस प्रकार से सेवा यह एक प्रकार का उत्पाद है ये दुनिया ने जाना और सेवा की परिभाषा दी |


" सेवा यह एक आर्थिक गतिविधियों का प्रकार है, कि जो अमूर्त है, जिसे संग्रहीत नहीं किया जा सकता और स्वामित्व में परिणाम नहीं होता है। एक सेवा बिक्री के बिंदु पर सेवन कि जाती है। उसे सेवा कहते हैं"


आज २१ वि सदी में बाजार में अलग अलग सेवाए उपलब्ध है। जेसे की व्यावसायिक कार्य, चाइल्डकैअर, निर्माण, शिक्षा, मनोरंजन, वित्तीय सेवाओं, आतिथ्य उद्योग, सार्वजनिक उपयोगिता इत्यादी | सेवा के प्रमुख विशेषताओं के संदर्भ में संशोधित किया जा सकता है, कभी कभी इसे "५।" कहा जाता है।


१ अमूर्तता(Intangibility):- सेवा अमूर्त और असाध्य है। सेवावो को छुआ नहीं जा सकता है। इसी तरह सेवावो के लिए आप सेवावोका भौतिक अस्तित्व या संग्रहीत करने से वंचित रहते है, साथ ही सेवा का गंध, बदबू, भौतिक अस्तित्व, संग्रहीत यह सेवाओं की मौलिक विशेषता है ।


२ भंगुरता (Perishability):- उत्पाद बहुत कम या कोई ठोस घटक है, और इसलिए इसे भविष्य में उपयोग के लिए भंडारित किया जा सकता है। लेकिन सेवावोके साथ यह विशेषता कुछ एस प्रकार से है की सेवा का उत्पादन किया और समय की उसी अवधि के दौरान सेवा की खपत होती है। भंगुरता (Perishability) यह भी सेवाओं की एक मौलिक विशेषता है


३ अवियोज्यता(Inseparability):- उत्पादक अपनी सेवा उपभोक्ता हेतु उत्पाद करता है लेकिन अवियोज्यता यह एक विशेषता सेवावोको अपने उत्पादक से अलग नहीं करती है | सेवा है जो कि यह अपनी खपत से आपूर्ति या सेवा के उत्पादन तलाक के लिए असंभव है ।


४ भिन्नता (variability) :- समय, स्थान, परिस्थितियों, स्थितियों, वर्तमान विन्यास बिंदु के रूप में सेवाए निर्माण होती है। हर एक सेवा अद्वितीय है। उसी तरह की सेवा उन्ही घटकों के साथ उसी तरह आप पुन निर्माण की गवाही नहीं दे सकते है । इसी विशेषता को भिन्नता कहते है ।


५ भागीदारी (Involvement) :- सेवाओं की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक सेवा प्रदान करने की प्रक्रिया में ग्राहक की भागीदारी होती है। एक ग्राहक सेवा का विशिष्ट आवश्यकता के अनुसार संशोधित करने का अवसर मिलता है। और सेवोवो के उत्पाद में भागीदारी मिलती है ।


१ सेवा ब्रांडिंग:- " A service is any activity or benefit that one party can offer to another that is essentially intangible and does not result in the ownership of anything. Its production may or may not be tied to a physical product" Kotler और आर्मस्ट्रांग 


" सेवा यह एक गतविधि है की जो एक पक्ष दुसरे पक्ष के लिए अमूर्त रूप में निर्माण करता है जिसका स्वामित्व पर कोई परिणाम नहीं होता है साथ ही आप सेवावोको भौतिक रूप में कैद नहीं कर सकते है उसे सेवा कहते है | और आर्मस्ट्रांग Kotler


एतिहासिक काल से उपभोक्ता ने सेवावो पर खास ध्यान दिया है, लेकिन २१ वि सदी में आप सभी के अनुरोभ से सेवा क्षेत्र में बहुत हलचल देखने को मिली है आज उपभोक्ता सचेत हुआ है अपने उपभोक प्रति जानकारी लेता है, यैसे दौर में नई नई सेवाए विकसित हुए है, अज उत्पादक टेलीविजन, रेडियो, अखबार, पत्रिका से अपने सेवावो को प्रसारित करते है विपणन के अलग अलग विषयोमे ब्रांडिंग यह विषय सेवावो को सामने लेन में सक्रीय है। सेवा क्षेत्र की वृद्धि, बढ़ती प्रतिस्पर्धा, उस वजहसे ब्रांडिंग प्रतिस्पर्धी लाभ पाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। यह तर्क दिया जा सकता है कि सेवाओं की ब्रांडिंग उत्पादों की ब्रांडिंग से ज्यादा महत्वपूर्ण दौर से गुजरती है, उसके कुछ चरण हम अध्ययन में लेते है |