बाजी लगाने के ठहराव के लक्षण - Symptoms of betting stagnation

बाजी लगाने के ठहराव के लक्षण - Symptoms of betting stagnation


• इसमें कुछ निश्चित धन या धन के बदले वस्तु देने का वचन होता है। वचन किसी अनिश्चित घटना के निर्णय पर आधारित होना चाहिए।


• दोनों पक्षकारों के हर अथवा जीत के बराबर अवसर होते हैं।


• बाजी लगाने के रूप में किया गया ठहराव व्यर्थ होता है।


• घटना के घटित होने के पूर्व दोनों पक्षकारों का उस घटना की संभावना पर निर्भर रहना आवश्यक होता है।


• बाजी के ठहराव में बाजी के हरने या जीतने के अतिरिक्त कोई और प्रतिफल नहीं होना चाहिए।


vi. असंभव कार्य करने का ठहराव भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 56 के अनुसार, “किसी ऐसे कार्य को करने का ठहराव जो स्वयं असंभव हो, व्यर्थ होता है। उदाहरण के लिए, श्याम, मोहन से कहता है कि अगर तुम तारे तोड़कर ला डोज तो मैं 1,00,000 रूपये दूंगा। यह ठहराव व्यर्थ है ।