आंकड़ों का सारणीयन -tabulation of data
आंकड़ों का सारणीयन -tabulation of data
आंकड़ों के वर्गीकरण के पश्चात अगला महत्वपूर्ण चरण सारणीय है जिसके द्वारा सामग्री को और भी स्पष्ट एवं बौद्धगम्य बनाने का प्रयास किया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण कार्य है, जिसके बिना समंकों से प्राप्त होने वाली अनेक सूचनाएं छिपी रह सकती है. समस्या की स्पष्ट रूप से व्याख्या नहीं की जा सकती है तथा आकड़ों से यथोचित निष्कर्य नहीं निकाला जा सकता है। सामान्य अर्थ में, सारणीयन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे वर्गीकृत तथ्यों को एक तालिका के अंतर्गत कुछ स्तम्भों एवं पक्तियों में व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत किया जाता है जिसके परिणामस्वरूप तथ्यों की विशेषताएं एवं तुलनात्मक महत्व और भी ज्यादा स्पष्ट हो जाता है। कोनोर के अनुसार सारणीयन किसी विचारणीय समस्या को स्पष्ट करने के उद्देश्य से किया जाने वाला सांख्यिकीय तथ्यों का क्रमबद्ध एवं सुव्यवस्थित प्रस्तुतिकरण है।"
ग्रेगरी एवं वार्ड के अनुसार, "सारणीयन वर्गीकृत समको को एक सारणी के रूप में संक्षिप्तीकरण की एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा सरलता से समझा जाता है तथा उनकी तुलना अधिक सुगमता से करना सम्भव होता है।"
घोष तथा चौधरी के अनुसार, सारणीयन समको का इस रूप में व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक प्रस्तुतिकरण है कि विचाराधीन समस्या के छिपे भेद ज्ञात हो जाये।"
एलहांस के अनुसार, "विस्तृत अर्थ में तथ्यों को स्तम्भों में क्रमबद्ध रूप में व्यवस्थित करने को सारणीयन कहते हैं।"
पी.वी. यंग ने सारणीयन को स्पष्ट करते हुए लिखा है, "जब तथ्य समूह संकलित कर लिया जाता है तो उन्हें पुनः किसी संक्षिप्त एवं तार्किक क्रम प्रस्तुत करना आवश्यक होता है। इसी प्रक्रिया को सारणीयन कहा जाता है।"
नीस्वेगर के अनुसार, "सारणीयन स्तम्भों एवं पक्तियों में आकड़ों का क्रमबद्ध व्यवस्था संगठन है।"
उपर्युक्त परिभाषाओं के आधार पर सार रूप में यह कहा जा सकता है कि सारणीयन वर्गीकृत तथ्यों को एक तालिका के अंतर्गत कुछ स्तम्भों एवं पंक्तियों में व्यवस्थित एवं कमबद्ध ढंग से प्रस्तुत करने की प्रक्रिया है जिसके परिणामस्वरूप समकों को समझना सरत हो जाता है तथा तुलनात्मक महत्व और ज्यादा स्पष्ट हो जाता है।
वार्तालाप में शामिल हों