व्यवस्थापन के अधिकार को सुरक्षित करने की दशा में स्वामित्व का हस्तांतरण - Transfer of ownership in case of securing the right of administration

व्यवस्थापन के अधिकार को सुरक्षित करने की दशा में स्वामित्व का हस्तांतरण - Transfer of ownership in case of securing the right of administration


I. विक्रय अनुबंध अधिनियम की धार 25 (1) के अनुसार, “जहाँ निश्चित अथवा विशिष्ट माल के विक्रय का अनुबंध होता है अथवा जब माल अनुबंध के लिये बाद में नियोजित कर दिया गया ये तो विक्रय अनुबंध की शर्तों के द्वारा माल की व्यवस्था के अधिकार को उस अवधि तक के लिये सुरक्षित रख सकता है जब तक कि शर्तें पूरी न कर दी जाया ऐसी दशा में माल का स्वामित्व क्रेता के पास उस समय तक हस्तांतरित नही होगा जब तक विक्रेता द्वारा लगाई गई शर्तों को पूरा न किया जाय।"


II. विक्रय अनुबंध अधिनियम की धार 25 (2) के अनुसार, "यदि माल जहाज द्वारा भेजा जा रहा थे

और जहाज बिल्टी के द्वारा माल विक्रेता अथवा उसके एजेन्ट के आदेश पर सुपुर्द किया जाना है, तो यह माना जायेगा कि विक्रेता ने व्यवस्था का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखा है।


III. विक्रय अनुबंध अधिनियम की धार 25 (4) के अनुसार, "यदि विक्रेता मूल्य के लिये क्रेता को एक बिल लिखता है और विनियम पत्र तथा जहाजी बिल्टी क्रेता के पास स्वीकृति अथवा भुगतान प्राप्त करने के लिये एक साथ भेजता है, तो क्रेता विनियम पत्र को अस्वीकार करने पर जहाजी बिल्टी वापस करने के लिए बाध्य है अन्यथा माल का स्वामित्व उसे हस्तांतरित नहीं होगा।"