स्थानांतरण की नीति - transfer policy

स्थानांतरण की नीति - transfer policy


स्थानांतरण मानव संसाधन का महत्वपूर्ण अंग है। इसके लिए स्पष्ट नीति होनी चाहिए, सभी कर्मचारियों को इस नीति का पता होना चाहिए। स्थानांतरण बिना किसी विशेष कारण या असमय नहीं होना चाहिए, इससे कर्मचारी और संगठन दोनों का नुकसान होता है। जब कर्मचारी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है तो उसे नए स्थान पर कार्य समझने में समय लगता है। वातावरण के अनुकूल होने में कुछ दिन लगते है, जिससे उसकी कार्यदक्षता कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिसके कारण संगठन व उत्पादन - उत्पादकता तथा गुणवत्ता पर भी प्रभाव पड़ता है। 


कर्मचारियों का स्थानांतरण उनकी सहमति और समान प्रकृति के कार्य पर किया जाना चाहिए और अगर नए कार्य में किया गया हो तो उसे कार्य के लिए प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।


स्थानांतरण नीति को अच्छा नहीं समझा जाता हैं इसके लिए सभी कर्मचारी को इसे अवगत करना चाहिए। स्थानांतरण नीति में ध्यान देने योग्य बिंदु निम्नलिखित हैं। स्थानांतरण नीति में यह स्पष्ट होना चाहिए की स्थानांतरण किस कारण और किन परिस्थितियों में किया जा रहा है।


1. स्थानातरण नीति लिखित और स्पष्ट होनी चाहिए।


2. स्थानांतरण की सूचना उचित माध्यम से कर्मचारी को देना चाहिए।


3. स्थानांतरण नीति में अवधि पर विशेष ध्यान देना चाहिए ।


4. स्थानांतरण पक्षपात रहित होना चाहिए। स्थानांतरण नीति की पूरी जानकारी कर्मचारी को होना चाहिए।


5. स्थानांतरण नीति संगठन के सभी विभागों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। 


6. स्थानांतरण नीति सरल भाषा में होना चाहिए ताकि सभी कर्मरचारियों की आसानी से समझ में आए।


7. स्थानांतरण नीति कार्य विवरण तथा कार्य विश्लेषण के आधार पर होना चाहिए।


8. स्थानातरण के समय मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखना चाहिए।


9. स्थानांतरण का कार्य किस स्तर के अधिकारी के द्वारा किया जाए, इसका स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।