विज्ञापन कार्यक्रम में टल तथ डॉकिन्स - Tull and Dawkins in advertising program
विज्ञापन कार्यक्रम में टल तथ डॉकिन्स - Tull and Dawkins in advertising program
का है कि किसी भी कार्यक्रम की प्रभावशीलता का अध्ययन उसके उद्देश्यों के संदर्भ में ही किया जाता है। विज्ञापन का उद्देश्य 1 निम्न दो श्रेणियों में व्यक्त किया जा सकता है वाछित सम्प्रेषण प्रभाव प्राप्त करना। इन दोनो उद्देश्यों से सबंधित किये जाने वाले किसी भी अनुसंधान को विज्ञापन अनुसंधान कहा जाता है।
समग्र निम्न चार प्रकार का हो सकता है-
(i) परिमित समय
(ii) अपरिचित समग्र
(iii) वास्तविक समग्र
(iv) काल्पनिक समग्र ।
ऐसा समग्र जिसमे इकाइयों की संख्या निश्चित हो, उसे परिमित समग्र कहा जाता है। उदाहरण के लिए, भारत मे आयकर दाताओं की सूची या किसी भी विश्वविद्यालय अजमेर मे 2014-15 के सत्र में छात्रों की संख्या परिमित समग्र के उदाहरण है ऐसा समग्र जिसमें इकाइयों की संख्या असीमित हो, उसे अपरमित समग्र की संज्ञा दी जाती है। उदाहरण के लिए, आकाश में तारों की संख्या अपरिमित समग्र का उदाहरण है। वास्तविक समग्र की इकाइया अस्तित्व में होती हैं। जबकि काल्पनिक समग्र की स्थिति में इकाइयों का वास्तविक अस्तित्व नहीं होता है।
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