प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रकार - type of training program
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रकार - type of training program
प्रशिक्षण का क्षेत्र व्यापक है। उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कई प्रकार के प्रशिक्षण किए जाते हैं। प्रशिक्षण को निम्न आधार पर बाटा गया है। जैसे- उद्देश्य, विधि, साधन, प्रशिक्षण प्राप्तकर्ता आदि के आधारों को सम्मिलित किया जाता है। प्रशिक्षण निम्न प्रकार के होते हैं।
1. कार्यकलाप प्रशिक्षण यह प्रशिक्षण कर्मचारी के कार्य में निपुण बनाने के लिए किया जाता है, जिससे कर्मचारी अपने कार्यों को ठीक से करना सीखते है। कार्य में विशिष्टता प्राप्त कर कार्य की बारिकियों को समझते है। इस प्रशिक्षण विधि से कर्मचारी के उपयोग मे आने वाली मशीन, पदार्थ कार्य, विधि के बारे में नए कर्मचारी को बताया जाता है, जिससे कर्मचारी कार्य-कुशल, योग्य बन सके और उत्पादकता में भी वृद्धि की जा सके। प्रशिक्षण नए और पुराने दोनों कर्मचारी के लिए आवश्यक है।
2. मनोवृत्ति या प्रोत्साहित प्रशिक्षण - मनोवृति प्रशिक्षण कर्मचारी के मनोबल में वृद्धि करने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों का संस्था के प्रति अपनापन, स्वामी भक्ति, सविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण, रचनात्मक मनोवृति का विकास करता है। यह प्रक्रिया संगठन द्वारा दीर्घ समय तक व स्थायी रूप से स्थायी संबंध स्थापित करने के लिए चलाई जाती है। ताकि संगठन के प्रति कर्मचारियों की सकारात्मक सोच स्थापित हो सके। यह क्रिया निरंतर चलती रहती है और इसके लिए अध्ययन गोष्ठी, सभाओं, व्याख्यानों, मार्गदर्शन, समूहिक चर्चा आदि का प्रबंध किया जाता है।
3. बहुमुखी प्रशिक्षण - बहुमुखी प्रशिक्षण प्रक्रिया में कर्मचारी को संपूर्ण विकास के लिए बहुमुखी प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें कर्मचारियों के कौशल, ज्ञान, प्रमुख कार्य के अतिरिक्त और अन्य जानकारी कार्य आदि बहुमुखी प्रशिक्षण सिखाया जाता है। यह प्रशिक्षण कर्मचारी के लिए बहुत आवश्यक होता है
इससे कर्मचारी विशेष परिस्थितियों में आई कठिनाई का सामना अच्छे से कर पाता है और व्यावसायिक समृद्धि और व्यवसाय में आई मंदी काल के समय वह बहुमुखी प्रशिक्षण लिए कर्मचारी इस समस्या के समय खरे उतरते हैं। इसमें कर्मचारियों को क्रमवार से कार्य परिवर्तित कर कई प्रकार के कार्यों को निष्पादित करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे कर्मचारी को कार्य के प्रति सभी जानकारी हो जाती है और वह संकट के समय आसानी से सही निर्णय ले पाता है।
4. अंतरंग प्रशिक्षण यह प्रशिक्षण उच्च शिक्षा या उच्च तकनीकी शिक्षा, उच्च प्रबंधकीय शिक्षा आदि के लिए दिया जाता है। ज्यादातर शिक्षण व व्यावहारिक शिक्षण संस्थान विभिन्न औद्योगिक उपक्रमों में अपने विद्यार्थियों के अंतरंग प्रशिक्षण के लिए व्यवस्था करते हैं, जिससे विद्यार्थियों को उस विषय का विशेष ज्ञान कराया जा सके। प्रशिक्षण में शिक्षण संस्थओं द्वारा प्राप्त उच्च सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक ज्ञान व अनुभव के साथ परिचित कराया जाता है।
5. सुरक्षा का ध्यान प्रशिक्षण मनुष्य का जीवन जोखिम से भरा है। कल की कोई जिम्मेदारी नहीं ले सकता है। इसी प्रकार संस्था में कार्य करते समय कई कर्मचारी दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है। इस लिए कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था, दुर्घटना से रोकथाम, कार्य के दौरान सावधान कैसे रहे यह सब कर्मचारी को स्वयं की सुरक्षा के साथ उपक्रम की संपत्तियों की सुरक्षा, अन्य सामान्य सुरक्षा कैसे करना है। इसकी जानकारी दी जाती है ।
6. प्रबोधन या पुनः अभ्यास प्रशिक्षण यह ज्यादातर पुराने कर्मचारियों को दिया जाता है। तकनीकी विकास और बदलते समय के साथ हो रहे परिवर्तन की जानकारी प्रबोधन प्रशिक्षण के माध्यम से पुराने कर्मचारी को दी जाती है। यह प्रशिक्षण समय- समय पर नई तकनीक, नवीन परिवर्तन, नवीनतम ज्ञान नवीन मशीनों का ज्ञान आदि दिलाने के लिए किया जाता है। यह प्रशिक्षण प्रायः 15 से 20 दिन तक चलता है। यह संगठन या कंपनी द्वारा आयोजित होता है। इससे पुराने कर्मचारी की कार्य कुशलता बढ़ती है। और पुराने कर्मचारियों के ज्ञान को ताजा करने, उनकी मिथ्य अवधारना को दूर करने, नई पद्धतियों से अवगत कराने में सहायता मिलती है।
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