मूल्य विभेद के प्रकार - Types of Price Descrimination
मूल्य विभेद के प्रकार - Types of Price Descrimination
मूल्य-विभेद के निम्न रूप अथवा प्रकार हो सकते हैं:
(1) व्यक्तिगत मूल्य विभेद (Personal price Discrimination)- जब एकाधिकारी अपनी वस्तु की अलग-अलग ग्राहकों से अलग-अलग कीमतें वसूल करता है तो इसे व्यक्तिगत मूल्य विभेद कहते हैं। उदाहरणार्थ फर्म के कर्मचारियों, अंशधारियों का व्यक्तिगत सम्बन्धियों से वस्तु का कम मूल्य लिया जा सकता है।
( 2 ) भौगोलिक मूल्य - विभेद (Geographic price Discrimination ) - जब भिन्न-भिन्न स्थानों पर वस्तु की भिन्न-भिन्न कीमते ली जाती है तो उसे भौगोलिक मूल्य विभेद कहा जाता है। विदेशी बाजार में राशि ली जाती है तो उसे भौगोलिक मूल्य विभेद कहा जाता है
विदेशी बाजार में राशि- पातन (क्नउचपदह) के उद्देश्य से नीची कीमत पर वस्तु बेवी जाती है लेकिन घरेलू बाजार में इस वस्तु की कीमत ऊँची वसूल की जाती है।
( 3 ) व्यवसाय एवं प्रयोग के अनुसार मूल्य-विभेद ( Price Discrimination according to Trade and Use ) - जब एकाधिकारी अपनी वस्तु या सेवा के प्रयोग अथवा व्यवसाय के आधार पर कीमत- विभेद करता है तो यह व्यवसाय एवं प्रयोग के अनुसार मूल्य विभेद कहलाता है। उदाहरणार्थं राज्य विद्युत मण्डल द्वारा घरेलू कृशि एवं उद्योग के उपयोग के लिए बिजली की अलग-अलग दरें वसूल की जाती है।
( 4 ) वर्ग मूल्य विभेद (Class Price Discrimination ) - जब एकाधिकारी अपनी वस्तु में थोड़ा बहुत अन्तर करके विभिन्न वर्ग के उपभोक्ताओं से अलग-अलग मूल्य वसूल करता है
तो उसे वर्ग मूल्य - विभेद कहते हैं। जैसे रेलें बच्चों से आधा टिकट लेती हैं, विद्यार्थियोग को रियायतें देती हैं,
(5) समयानुसार मूल्य विभेद (Price Discrimination according to Time ) जब एकाधिकारी समय के अनुसार अपनी वस्तु या सेवा की ग्राहकों से अलग-अलग किमतें लेता है तो वह समयानुसार मूल्य - विभेद कहलाता है। उदाहरणार्थ, डाक तार विभाग द्वारा ट्रक काल की दरें दिन में ऊँची तथा रात में नीची वसूल की जाती है।
( 6 ) वस्तु की प्रकृति एवं आकार के अनुसार मूल्य विभेद-वस्तु की प्रकृति एवं आकार के अनुसार भी मूल्य- विभेद किया जाता है।
उदाहरणार्थ रेल्वे विभाग जलनशील व अधिक स्थान घेरने वाली वस्तुओं ( रूई, तेल आदि) का ऊँची दर से किराया लेता है। प्रकाशक द्वारा पुस्तक के सादा संस्करण की कीमत डीलक्स संस्करण की तुलना में कम वसूल करना भी इसी प्रकार का मूल्य विभेद है।
(7) आयु, लिंग या पद के अनुसार मूल्य विभेद एक एकाधिकारी आयु लिंग अथवा पद के आधार पर मूल्य विभेद कर सकता है। जैसे हेयर सेल्यून वाला बच्चों के बाल काटने के कम पैसे ले सकता है अथवा भारतीय रेल विद्यार्थियों से कम किराया ले सकती है।
(8) छूट देकर मूल्य - विभेद (Discount Price Discrimination ) - जब एकाधिकारी अपने ग्राहकों की वस्तु या सेवा के मूल्य में छूट देकर कीमत अलग-अलग वसूल करता है तो यह छूट देकर मूल्य - विभेद कहलाता है। यह छूट वितरक छूट, रोकड छूट तथा मात्रात्मक छूट के रूप में हो सकती है। उदाहरणार्थ, एक निश्चित मात्रा से अधिक माल खरीदने पर विशेष छूअ फुटकर विक्रेता को छूट, नकद भूगतान पर छूट आदि ।
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