अनुसूचित बैंकों के प्रकार - Types of Scheduled Banks
अनुसूचित बैंकों के प्रकार - Types of Scheduled Banks
स्वामित्व के आधार पर अनुसूचित बैंक चार प्रकार के है:
1. सार्वजनिक क्षेत्र में राष्ट्रयीकृत वाणिज्यिक बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, इसके सहायक बैंक तथा आई. डी. बी. आई,
2. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
3. निजी क्षेत्र में मिश्रित पूँजी वाले पुराने तथा नये बैंक, तथा
4. विदेशी बैंक।
वाणिज्यिक बैंकों के अतिरिक्त कुछ सहकारी बैंको को भी रिजर्व बैंक द्वारा अनुसूचित बैंक मान लिया गया है।
ये सहकारी बैंक अनुसूचित बैंक होते हुए भी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंको से भिन्न है ।
भारतीय अर्थव्यवस्था के समरूप भारत में बैंकिंग व्यवस्था भी मुख्यत दो क्षेत्रों में विभाजित है. (1) सार्वजनिक क्षेत्र (2) निजी क्षेत्र सार्वजनिक क्षेत्र में भारतीय स्टेट बैंक तथा इसके सहयोगी बैक तथा राष्ट्रीयकृत बैंक सम्मिलित है। बैंकिंग व्यवसाय का अधिकाश भाग सार्वजनिक क्षेत्र में हैं। निजी क्षेत्र में विदेशी बैंकों को विशेष स्थान प्राप्त है।
यद्यपि ब्रिटिश शासनकाल में भारतीय बैंकिंग व्यवस्था का काफी विस्तार हो चुका था परंतु यह विस्तार किसी राष्ट्रीय प्रयोजन की दृष्टि से नहीं हुआ और न ही उसे निश्चित दिशा होने और उसमें आवश्यक दृढ़ता लाने के लिए कोई ठोस प्रयास किए गए थे।
स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् जनवरी 1949 के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया। इसका प्रमुख उद्देश्य सरकार तथा केंद्रीय बैंक की नीति में समन्वय स्थापित करना था। 16 मार्च, 1949 से देश मे बैंकिंग कंपनीज एक्ट लागू किया गया जिसके अंतर्गत बैकिंग व्यवस्था से संबंधित व्यापक नियम बनाए गए और रिजर्व बैंक को बैंकिंग प्रणाली पर नियंत्रण रखने के विस्तृत अधिकार दिए गए। 1955 में इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया को समाप्त करके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना की गई। भारतीय बैंकिंग व्यवस्था में स्टेट बैंक तथा इसके सहायक बैंकों को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है।
देश में बैंकिंग व्यवस्था एवं नीति को एक निश्चित दिशा देने के उद्देश्य से 1967 में बैंकों पर सामाजिक नियंत्रण की नीति लागू की गई। जुलाई 1969 में 14 प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर लिया गया। 8 अन्य बैकों का राष्ट्रीयकरण 15 अप्रैल, 1989 में किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिग सुविधाओं के विस्तार के लिए 1975 से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक स्थापित किए गए है। ये बैंक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा ही प्रायोजित किए गए है, परंतु इनका संगठन व कार्य बैंकों से भिन्न है।
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