चयन परीक्षण के प्रकार - Types of Selection Tests
चयन परीक्षण के प्रकार - Types of Selection Tests
क) योग्यता / क्षमता परीक्षणः
योग्यता परीक्षण यह निर्धारित करते हैं कि चयनित होने पर उम्मीदवार कितनी कुशलतापूर्वक नौकरी करेंगे। इस प्रकार योग्यता परीक्षण कर्मचारियों के चयन के आधार पर प्रदर्शन के स्तर को सुनिश्चित करते हैं। योग्यता परीक्षण, अभिरुचि परीक्षण, उपलब्धि परीक्षण और बुद्धि परीक्षण जैसे विभिन्न प्रकार के चयन परीक्षण हो सकते हैं।
• अभिरूचि परीक्षण:
अभिरूचि परीक्षण, किसी कार्य विशेष को करने की क्षमता, प्रतिभा, प्रवृत्ति, कौशल और उपयुक्तता का परीक्षण है।अतः, योग्यता परीक्षण यह सुनिश्चित करते हैं की वे भविष्य में उम्मीदवार नौकरी से संबंधित कौशल और ज्ञान सीख पायेंगे या नहीं।
यह उम्मीदवारों की भविष्य की उपलब्धि की संभावना से संबंधित हैं । जीमैट, मैकेनिकल एपटिट्यूड परीक्षण, साइकोमोटर एपटिट्यूड परीक्षण, आर्टिस्टिक एप्टीट्यूड परीक्षण इत्यादि विभिन्न प्रयोजनों के लिए उपयोग किए जाने वाले बहुत सामान्य अभिरुचि परीक्षण हैं।
• उपलब्धि परीक्षण:
उपलब्धियां अतीत से संबंधित होती हैं। इस प्रकार यह परीक्षण, उम्मीदवारों की पिछली उपलब्धि और प्रदर्शन के मापक होते हैं। यह परीक्षण पिछली नौकरियों में हासिल की गई दक्षता के स्तर का मापन करते हैं। उपलब्धि परीक्षण यह सुनिश्चित करते हैं कि उम्मीदवार गुणवत्ता में उत्कृष्टता के स्तर को बढ़ाता है।
यह परीक्षण अनुभव के लिए उम्मीदवारों की दावेदारी साबित करते हैं। कार्य-ज्ञान परीक्षण तथा कार्य- नमूना परीक्षण कर्मचारी चयन प्रक्रिया में उपयोग किए जाने वाले दो सबसे सामान्य परीक्षण हैं।
• बुद्धि परीक्षण:
बुद्धि, चालाकी या होशियारी के स्तर को दर्शाता है। यह मन की अवस्था है या मस्तिष्क समस्या को समझता है और समस्या को हल करने के लिए तर्क की क्षमता प्रदान करता है। प्रबंधकीय नौकरियों के लिए बुद्धि परीक्षण अधिक महत्वपूर्ण है। वह बुद्धि, तर्क, संख्या, स्मृति आदि के संदर्भ में बुद्धि गुणांक (आईक्यू) प्रदान करते हैं। इंटेलिजेंस टेस्ट उम्मीदवारों की वास्तविक उम्र के साथ मानसिक बुद्धि की तुलना करते हैं।
ख) व्यक्तित्व परीक्षण
सामान्य सार्वजनिक उपभोक्ताओं के संपर्क में रहने वाले कर्मचारियों के लिए तथा प्रबंधकीय स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए व्यक्तित्व विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। कर्मचारियों के व्यक्तित्व के आयाम उनसे सम्बंधित समूहों की संतुष्टि के स्तर पर विशेष प्रभाव डालते हैं। इसलिए, व्यक्तित्व परीक्षणों का प्रयोग उम्मीदवारों के व्यक्तित्व आयामों को मापने के लिए किया जाता है। ऐसे आयाम मुखरता, भावनात्मक स्थिरता, अनुभव के लिए खुलापन, प्रेरणा, सहमति, पहल क्षमता, ईमानदारी आदि सकते हैं। तीन प्रकार के व्यक्तित्व परीक्षणों का उपयोग कर्मचारी चयन के लिए किया जा सकता है, जो निम्नानुसार सूचीबद्ध हैं:
• रूचि परीक्षण:
यह कर्मचारियों की सामान्य वरीयताओं का मापन करते हैं।
इस तरह की प्राथमिकताएं कर्मचारियों की गतिविधियों को निर्देश देती हैं। अतः रूचि परीक्षण, शौक, मनोरंजन गतिविधियों, समूह गतिविधियों और कैरियर के विकल्प से संबंधित पसंद और नापसंदगियों की जांच करते हैं।
• अभिवृत्त/ मनोवृत्ति परीक्षणः
मनोवृत्ति व्यक्ति की मानसिक स्थिति को प्रदर्शित / संदर्भित करती है जो व्यवहार, विचारों और भावनाओं को निर्देशित करती है। उम्मीदवारों का व्यवहार, इस प्रकार संगठनात्मक प्रदर्शन को प्रभावित करता है। इस प्रकार, अभिवृत्ति परीक्षण वस्तुओं, लोगों या घटनाओं के प्रति अनुकूल या प्रतिकूल कार्य करने के लिए प्रवृत्तियों को मापते हैं।
• प्रक्षेपी/ प्रक्षेपण परीक्षण:
प्रक्षेपण भविष्य का आकलन करने का कार्य है। इस प्रकार प्राक्षेपण परीक्षण, अधिक सटीकता के साथ भविष्य में किसी भी कार्य के परिणामों का आकलन करने के लिए कर्मचारियों की क्षमता का संकेत देती है। अतः, कर्मचारियों का चयन करते समय, उनकी भविष्य में कार्य करने की मनोवृत्ति एवं अनुकूलन क्षमता का मापन प्रक्षेपण परीक्षणों के साथ किया जाता है। ऐसे परीक्षणों के माध्यम से यह पता करने का प्रयास किया जाता है की कोई उम्मीदवार किसी भी घटना विशेष में किस प्रकार का व्यवहार कर सकता है। प्रक्षेपण परीक्षण के द्वारा इसके पूर्व संकेत प्राप्त किये जा सकते हैं।। इसके लिए, एक काल्पनिक अथवा निर्मित स्थिति, उम्मीदवारों के समक्ष प्रस्तुत की जा सकती है।
12335ग) स्थितिपरक / परिस्थितीय परीक्षण:
उम्मीदवार कितनी प्रभावी ढंग से किसी परिस्थिति का सामना करता है, यह प्रबंधकीय पदों पर कार्यरत व्यक्तियों के लिए रूचि का विषय होता है। इसका अर्थ है, स्थिति आधारित समस्या निवारण की क्षमता का निर्धारण स्थितिपरक परीक्षणों द्वारा किया जाता है। इस तरह के परीक्षणों के माध्यम से उम्मीदवारों को स्थिति विशिष्ट समस्याओं का हल करने के लिए कहा जाता है। उम्मीदवारों की तत्काल निर्णय क्षमता के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए समूह चर्चा आयोजित की जा सकती है। उनकी प्रतिक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड किया जा सकता है और उसके बाद मूल्यांकन किया जा सकता है।
घ) ईमानदारी परीक्षण:
ईमानदारी सत्यता एवं सटीकता की मात्रा एवं मापक दोनों है। उम्मीदवार द्वारा प्रदान की गई जानकारी की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए, ईमानदारी परीक्षण आयोजित किया जाता है। ऐसे परीक्षणों यह आकलन करने का प्रयास करते हैं कि उम्मीदवार कितनी दृढतापूर्वक और कब तक नौकरी के प्रति ईमानदार हो सकते हैं।
वार्तालाप में शामिल हों