उत्पाद के विकास में बाजार अनुसंधान का प्रयोग - Use of market research in product development
उत्पाद के विकास में बाजार अनुसंधान का प्रयोग - Use of market research in product development
बाजार अनुसंधान परिणामो को सभी अवस्थाओं एवं स्तरों पर प्रयोग किया जा सकता है।
रिसर्च से पूर्व व्यवस्थित आवश्यकताएं कई कंपनियां नए उत्पाद के महत्त्व को स्वीकारती है और इसी कारण अनुसंधान के उद्देशार्थ प्रचुर धन मुहैया कराती है। इलेक्ट्रानिक उत्पाद वाली कंपनियां अपने सकल विक्रय की 15 प्रतिशत राशि अनुसंधान एवं डिजाईन पर खर्चा करती है ताकि वे अपने व्यापारिक गतिविधि क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके। अधिकतर कंपनियों में अनुसंधान एवं डिजाइन पर अपने सकल विक्रय राशि का 2 से 5 प्रतिशत तक ही व्यय होता है। इसके बावजूद बोइंग, होडा या सीमन जैसी कंपनियां अनुसंधान पर भारी भरकम राशि व्यय करती हैं।
अनुसंधान पर व्यय का 90 प्रतिशत धन एवं राशि शुरुआत में ही सफलता नहीं पाती है वास्तव में कई नये एवं सफल उत्पाद अचानक ही उभरते हैं, न कि अनुसंधान पर किये गये वित्तीय व्यय अनुसंधान पर प्रयुक्त समय अवधि और विनियोग के कारण उदाहरण लिए टेलिफोन,
एक्स-रे, बबलगम, वेल्को, इत्यादि रिसर्च के बाद केवल 3- एम ही संसार में गल्यू बनाने में तत्पर रही और सफलता की बुलन्दियों को छुआ। सभी नये उत्पाद दुर्घटना यश ही उभरते है, फिर भी नये उत्पाद को एक विश्वसनीय रोल अदा करने के लिए बाजार अनुसंधान व्यवस्था से होकर गुजरना होता है।
ड्रकर (1993) विलियम कोनर एक चिकित्सक के संदर्भ में कहते हैं कि वह अपना उपक्रम बनाना चाहता था कोनर ने इस उत्पाद को बनाने के उद्देश्य से उसने चिकित्सकों से साक्षात्कार लेना शुरू किया, यह जानने के लिए एवं उनके द्वारा अनुभव किए गए जोखिमों और बंधनों के बारे में अनुसंधान किया और यह जानना चाहा कि क्या मोतियाबिंद सर्जरी के लिए प्रक्रिया एक कठिन कार्य है या क्या यह जोखिमों से भरपूर है, जिसमें उनको स्नायू अस्थिबंध को काटने में अपेक्षित जोखिम नज़र आते हैं?
कोनर ने तब एक एन्जाइन का आविष्कार किया जिसे सर्जरी करने के समय तक सुरक्षित रखा जा सकता था तथा स्नायू अस्थिबंध को काटने की आवश्यकता ही नही रहती अनुसंधान सफल रहा जिसके परिणामस्वरुप अपने उत्पाद का पेटेंट पाने एवं उसे उद्योग में स्थापित करने में अपूर्व सफलता और शोहरत हासिल की। यह सब बाजार अनुसंधान का अनूठा प्रयोग था एवं जिसने बाजार में प्रभावशाली प्रतिस्थापना की और अवसरानुकूल एक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठित रोल अदा किया।
नोतियाबिंद सर्जरी में बाजार अनुसंधान ने पर्यावरण की आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप अमूल्य योगदान दिया। हालांकि, फैसला बाजार अनुसंधान की अपेक्षाओं के संदर्भ में लिया जाना चाहिए पर यह माना नहीं जा सकता कि यह बाजार अनुसंधान के संचालन में विशिष्ट अवसर को उजागर करने एवं उत्पादों की अवधारणाओं और प्रपेक्षण के लिए नेतृत्व करेंगे उपभोक्ता की जरूरतों और उत्पादों के लिए आवेदन प्राप्त करने के लिए बाजार की उपभोग एवं अनुसंधान आवश्यकता को समझने के लिए भूमिका का निर्धारण करना अनुसंधानकर्ता की जिम्मेवारी है। बाजार में नये उत्पाद के संबंध में साक्षात्कार माध्यम का सहारा लिया जाता है,
क्योंकि उत्तरदाताओं से निदेशक की भूमिका निभा सकने के बारे में उम्मीद नहीं की जा सकती ।
इसके अतिरिक्त बाजार अनुसंधान एक यथार्थ एवं त्रुटिहीन विज्ञान है, क्योंकि नये उत्पाद के बारे में वास्तविक एवं अनुचित तथा स्टीक
भविष्यवाणी की मांग करना अवास्तविक होगा। इस संदर्भ में कि बाजार मे अनेकों परिवर्तनशील तत्व मौजूद है जो बाजार मांग को प्रभावित करते हैं।
किसी भी उत्पाद को एकल एवं व्यापारिक स्तर पर प्रतिस्थापित होने में सालों लग जाते हैं। बाजार अनुसंधान को एक प्रयोग के रूप में विवरणित किया जा सकता है जो सही दिशा में अग्रसर हो उदाहरण के तौर पर जीरॉक्स ने कापियर उत्पाद के लिए अवसर तलाशने के लिए तीन सलाहकार नियुक्त किये दो सलाहकारों ने उत्पाद को प्रेक्षपन के विरोध में अपना मत दिया जबकि तीसरे सलाहकार ने 8000 यूनिटों की बिक्री का अनुमान प्रस्तुत किया।
जीरोक्स ने सलाहकारों के अनुमानों का नजरअंदाज करते हुए कापियर का प्रक्षेपन किया और मात्र तीन वर्षों के अन्तराल में 80000 मशीनों का विक्रय कर कीर्तिमान स्थापित किया। बाजार अनुसंधान ने मांग को वास्तविकता से कम आंकने और उत्तरदाताओं ने भी उत्पाद बारे में अपने विचारों को व्यक्त करने में असमर्थता जतायी जो उनके लिए कभी भी अपेक्षित नहीं था।
साक्षात्कार या फोकस समूह में उनसे पूछने पर ज्ञात हुआ कि आविष्कार वे होते है जिनको परखने के लिए कुछ नया नहीं करना पड़ता अपितु उनके अपेक्षित मानसिक व्यवहार का अनुसंधान करना कठिन हो चाहे वे उपभोक्ता अथवा उत्पादनकर्ता ही क्यों न हो जब उपभोक्ताओं से नये उत्पाद के बारे में पूछा गया कि क्या वे उसका उपयोग करना चाहेंगे या उसे खरीदेंगे तो उनकी दृष्टिकोण कुछ और किन्तु बिना समय गवाए जिरोक्स ने उस वातावरण में उत्पाद को उतारने का निर्णय लिया गया। कल्पना करें कि सोनी वॉकमैन ने मोबाइल म्यूजिक फोयर को प्रक्षेपन से पहले उपभोक्ताओं से पूछने पर नकारात्मक उत्तर ही मिले। संभवत अगर उपभोक्ताओं ने उस उत्पाद की गुणवत्ता और कार्यशैली के बारे में पहले से जान लिया होता, तो हो सकता है प्रतिक्रिया अनुमानों से कहीं अधिक प्रभावशाली होती तथापि बाजार अनुसंधान बाजार में छिपी जरुरतों को खोज निकाल सकता है और इन उत्पादों की आवश्यकताओं को भली भांति बुद्दिमता पूर्वक निर्णायक हो सकता है अत यह अनुसंधाकर्ता ही है न कि उपभोक्ता या खरीदार जो जरुरतों और नये उत्पाद के बीच समन्वय विकसित कर सकता है।
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