प्रशिक्षण की उपयोगिता और प्रभावित तत्व - Utility and Affecting Elements of Training
प्रशिक्षण की उपयोगिता और प्रभावित तत्व - Utility and Affecting Elements of Training
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजित करने से पहले उसकी आवश्यता और उसको प्रभावित करने वाले तत्वों की पूर्ण जानकारी होना चाहिए। निम्न क्रियाओं में परिवर्तन के कारण प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है, जैसे तकनीकी परिवर्तन, संगठनात्मक परिवर्तन, वैश्विक परिवर्तन आदि। नई आधुनिक पद्धतियों का विकास, उत्पाद, उत्पादकता, गुणवता को बढ़ाना, विपत्ति से कंपनी को उभारना, संगठन की कमियों को दूर कर लक्ष्य प्राप्त करना, प्रतिस्पर्धा की दौड़ में बने रहने के लिए आदि के लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता होती हैं।
प्रशिक्षण क्रिया को सार्थक रूप देने के लिए सूचना एकत्रित करने की आवश्यकता होती है। प्रशिक्षण की आवश्यकता क्यो है? फिर उसके अनुसार संगठन तय करता है।
किस प्रकार की योग्यता, कार्यकुशलता तकनीकी, अनुभव आदि वाले व्यक्ति की आवश्यकता है। इस निर्णय को लेने में निम्न बिंदु सहायता करते है।
I. संगठनात्मक तत्व विश्लेषण
II. चुनौती विश्लेषण
III. व्यक्ति विश्लेषण
विस्तार से विश्लेषण
1. संगठनात्मक तत्व विश्लेषण - यह विश्लेषण संगठन का वृहत कार्य है।
इसमें संगठन को संसाधनों का उपयोग, विकास, विकास की सम्भावनाए खोजना, संगठन से उद्देश्यों की समीक्षा करना, वातावरण व्यवस्था आदि तत्वों पर अध्ययन के निर्णय लिए जाते हैं। यह व्यवस्थित विश्लेषण प्रक्रिया है।
II. चुनौती विश्लेषण - यह संगठन का सुनियोजित कार्य है। जो नियमित रूप से विभिन्न पदों या विभागो में किए जा रहे हैं। उन्हें पूर्ण रूप देने के लिए किस प्रकार के गुण, दृष्टिकोण, ज्ञान योग्यता की जरूरत होगी इसका अध्ययन किया जाता है।
III. व्यक्ति विशेषता - अध्ययन में यह देखा जाता है कि कोन से व्यक्ति को परीक्षण की आवश्यकता है। यह जानना बहुत महत्वपूर्ण नियम है। कार्यकुशलता और क्षमता का मूल्यांकन कर के इसका पता चलता है या फिर पर्यवेक्षकों द्वारा बनाए गए रिकोर्डों का अध्ययन कर।
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