कारक क्या है - What is the factor

कारक क्या है - What is the factor?


कारकों के विश्लेषण के मूल सिद्धान्तों को समझने के अनेको अनुसरण है जिनके उत्तरों की समान पद्धतियों है और जो उनमें विद्यमान रुप में संबंधित है (न कि वे जो सीधे तौर पर निर्देशित हो) उदाहरणार्थ, उपभोक्ताओं से समरुपी प्रश्न पूछे जा सकते है जैसे उनकी आय शिक्षा व्यवसाय इत्यादि एवं इन के आधार पर अस्पष्ट अर्थशास्त्रीय प्रतिष्ठा से संबंधित परिवर्तनों का अध्ययन किया जा सकता है। प्रत्येक ऐसे कारक के परीक्षण में असंख्य कारक होते है। प्रत्येक विश्लेपित कारक परीक्षण में सामान्यतः एक निश्चित मात्रा को निरूपित करके सूचिबद्ध करता है एवं उन परिवर्तनों को समझ कर वर्गीकरण करता है। इन परिवर्तनों की सतर्कता को परिभाषित करने को आइमैन मूल्य के नाम से जाना जाता है। ऐसे कारक जिनका आइगेन मूल्य 2 ज्याण परिवर्तनों की ओर संकेतो को प्रयुक्त किया जाता है।


इसलिए अगर किसी कारक का सामाजिक अर्थशास्त्रीय आइगेन मूल्य औसतन तीन परिवर्तनों में 2.3 या इससे अधिक है, तो उसको परिभाषित किया जा सकता है ये कारक जो उन तीन परिवर्तना पर अधिकारित होते हैं उन्हें दूसरे परीक्षणों में प्रयोग किया जा सकता है। ये कारक जो न्यूनतम परिवर्तन रखते हो उन्हें सामान्यतः छोड़ दिया जाता है अतः ये आगामी वाहिकाओं के लिए विषय का कारण हो सकते हैं।

 आधारभूत कारकों के बीच प्रत्येक परिवर्तन को अभिव्यक्त करने की व्याख्या को कारक निर्धारण कहा जाता है।


ऐसा परिवर्तन जो महत्वपूर्ण या मजबूती से सम्बन्धित हो जैसे कारक- 1- आय जिसका निर्धारित कारक 0.85 है। विशिष्ट प्रतिगामी संख्याओं को परिभाषित किया जा सकता है।

यह कहा जा सकता है कि आय कारक का कारक 1 के साथ 0.65 अंश का सह-संबंध है। यह अनेक अनुसंधानों के लिए मजबूत कड़ी या आधार हो सकता है दो अन्य परिवर्तनों मे, जसे शिक्षा व व्यवसाय को कारक - 1 के साथ विश्लेपित किया जा सकता है। ऐसे कारकों के निर्धारण प्रक्रिया को एकाकित अर्थशास्त्रीय प्रस्थापना कहा जा सकता है।


स्थानीय मूल्य शापिंग मॉल की संख्या एवं परिवार सदस्य, तथापित अन्य कारक कारक-2 पर भारी पड़ सकते हैं। वे पडोस की उन्मुक्त सम्पन्नता को अंकित करते हैं, इसलिए उनको पड़ोस - अर्थशास्त्रीय प्रतिस्थापन कहा जाता है। "यहा संज्ञान लेना आवश्यक है कि कारक-1 में स्थानीय मूल्य (0.38) अंशतः महत्त्वपूर्ण परिवर्तन है यह संकेत करता है कि किसी व्यक्ति का स्थानीय मूल्यांकन उसकी आय से संबंधित होता है।