अनुबंधों का निष्पादन कौन करे - who executes contracts
अनुबंधों का निष्पादन कौन करे - who executes contracts
i. स्वयं वचनदाता अथवा उसके प्रतिनिधि द्वारा निष्पादन भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 40 के अनुसार, “यदि पक्षकारों का अभिप्राय यह है कि वचन का निष्पादन स्वयं वचनदाता द्वारा हो, तो ऐसी दशा में वचनदाता को ही वचन का निष्पादन करना चाहिए। अन्य दशाओं में वचनदाता अथवा उसका प्रतिनिधि किसी उपयुक्त व्यक्ति को उसके निष्पादन के लिए नियुक्त कर सकते हैं।"
ii. वैधानिक प्रतिनिधि द्वारा निष्पादन भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 40 के अनुसार, “व्यक्तिगत कुशलता अथवा निपुणता वाले अनुबंधों को छोड़कर वचनदाता की मृत्यु होने पर उसके वैधानिक प्रतिनिधि द्वारा अनुबंधों का निष्पादन किया जाना चाहिए।"
iii. तृतीय पक्षकार द्वारा निष्पादन भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 41 के अनुसार, "जब वचनगृहीता किसी तृतीय पक्षकार को वचन के निष्पादन के लिए स्वीकार कर लेता है तो वह बाद वचनदाता को वचन पूरा करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है।"
iv. संयुक्त वचनदाताओं द्वारा निष्पादन जब दो या दो से अधिक व्यक्ति मिलकर वचन देते हैं, तो वे संयुक्त वचनदाता कहलाते हैं। इस प्रकार से दिये गए वचन के निष्पादन के संबंध में उसका दायित्व निम्न प्रकार होगा :
• वचनदाताओं द्वारा संयुक्त रूप में निष्पादन
• संयुक्त तथा व्यक्तिगत दायित्व ।
• प्रत्येक वचनदाता अंशदान की मांग करने का अधिकार।
• अंशदान में त्रुटि की दशा में हानि का बंटबारा ।
• वचन के निष्पादन का समय और स्थान
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