बाहरी पक्षकारों द्वारा संचालकों की नियुक्ति - Appointment of operators by outside parties
बाहरी पक्षकारों द्वारा संचालकों की नियुक्ति - Appointment of operators by outside parties
धारा 152 यह उपबंधित करती है कि सार्वजनिक कंपनी की दशा में संचालकों की कुल संख्या की एक-तिहाई संख्या तक, तथा निजी कंपनी की दशा में सभी संचालक, पारी से रिटायर न होने वाले संचालक हो सकते हैं। ऐसे संचालकों की नियुक्ति करने का अधिकार अंतर्नियमावली में स्पष्ट व्यवस्था जैसे ऋणपत्र धारियों या विहित लेनदारों को दिया जा सकता है।
संचालक पदों की संख्या
धारा 165 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक ही समय में 20 से अधिक कंपनियों में संचालक नहीं हो सकता। इस 20 की सीमा में स्थानापन्न संचालक का पद भी शामिल है।
किन्तु कोई भी व्यक्ति 10 से अधिक सार्वजनिक कंपनियों में संचालक नहीं हो सकता।
यदि कोई व्यक्ति कंपनी अधिनियम, 2013 के लागू होने से ठीक पूर्व विहित कंपनियों की संख्या से अधिक कंपनियों में संचालक पद पर हो, तो वह इस अधिनियम के लागू होने के 1 वर्ष के भीतर विहित संख्या में कंपनियों को चुनेगा तथा अन्य कंपनियों से त्याग पत्र देगा तथा वह प्रत्येक कंपनी को अपने चयन के बारे में बतायेगा तथा इसकी जानकारी संबंधित कंपनी रजिस्ट्रार को भी देगा।
वार्तालाप में शामिल हों