बाईबैक की विधियाँ - Buyback Methods

बाईबैक की विधियाँ - Buyback Methods

बाईबैक की विधियों का संक्षेप में वर्णन निम्नलिखित है


1) निविदा विधि – उस विधि को धारा 68 (5) में आनुपातिक आधार पर विद्यमान प्रतिभूतिधारकों से बाईबैक" के रूप में बताया गया है। इस विधि में कंपनी उस कीमत का निर्धारण एवं घोषणा करती है जिसपर वह अपने शेयरधारकों से निर्दिष्ट संख्या में शेयरों को खरीदना चाहती है।


2) खुले बाजार में क्रय इस विधि के अंतर्गत बाईबैक निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है-


क) स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से क्रय इस विधि में कंपनी द्वारा बाईबैक हेतु प्रतिभूतियों की निर्दिष्ट संख्या तक तथा उस कीमत तक जो कीमत बाईबैक करने की पूर्वनिर्धारित दर से अधिक नहीं होती, शेयरों को बाईबैक किया जाता है।

सेबी के विनियमों के अनुसार प्रवर्तक एवं कंपनी को नियंत्रित करनेवाले व्यक्ति अपने शेयरों को इस विधि के अंतर्गत बाईबैक के लिए प्रस्तावित नहीं कर सकते।


ख) डच निलामी विधि - इस विधि को सेबी के विनियमों में बाईबैंक हेतु विपरीत बुक- बिल्डिंग प्रक्रिया के रूप में बताया गया है। इस विधि के अंतर्गत कंपनी निर्दिष्ट प्रस्ताव कीमत सीमा मैं रहते हुए अपने शेयरों की निर्दिष्ट संख्या को क्रय करने का शेयरधारकों को प्रस्ताव करती है।


शेयरधारकों को बाईबैक हेतु प्रस्तावित शेयरों की कीमत तथा संख्या को कोट करते हुए बोली लगाने को कहा जाता है। शेयरधारकों से प्राप्त बोलियों के आधार पर कंपनी द्वारा उस न्यूनतम कीमत से अधिक में से प्रस्तावित कीमत को चुना जाता है जिसपर प्रस्तावित किए गए शेयरों की संचयी संख्या बाईबैक के लिए कंपनी के अधिकतम शेयरों के बराबर व अधिकतम हो जाती है।