एक उद्यमी के लक्षण - Characteristics of an Entrepreneur

एक उद्यमी के लक्षण - Characteristics of an Entrepreneur


एक उद्यमी में वे सभी गुण विद्यमान होने चाहिए जो सफलतापूर्वक कार्य करने में उसकी सहायता करे । उद्यमी में कुछ सामान्य विशेषताएँ होती हैं जैसे प्रतिबद्धता, नेतृत्व का गुण, जोखिम सहने की क्षमता, आत्मविश्वास आदि । कुछ महत्वपूर्ण विशेषताओं का वर्णन इस प्रकार हैं:


(1) सुनियोजित जोखिम उठाने वाला: जोखिम शब्द उतना ही पुराना है जितनी की हमारी मानव सभ्यता । आमतौर पर यह कहा जाता है कि बिना जोखिम के लाभ की कल्पना हो ही नहीं सकती। इसका अर्थ यह है कि बिना जोखिम उठाए व्यापार में लाभ कमाना भी संभव नहीं होता। इस प्रकार जोखिम एक व्यावसायिक गतिविधि के परिणाम में लाभ की संभावना को कहा जाता है। प्रत्येक व्यावसायिक परिस्थिति में लाभ या हानि की संभावना निहित होती है ।

एक उद्यमी हमेशा सुनियोजित जोखिम उठाता है वह एक जुआरी की तरह कार्य नहीं करता बल्कि वह जोखिम को चुनौती के रूप में लेता है। वह कम चुनौतीपूर्ण कार्यों में खुद को शामिल नहीं करता परंतु इसका अर्थ यह भी नहीं है वह अत्यंत जोखिम वाली परिस्थितियों में फंस जाता है। उद्यमी दोनों परिस्थितियों में संतुलन बनाते हुए व्यवसाय को सफलता की ओर ले जाने के प्रयास करता रहता है। अतः उद्यमी जोखिम उठाने वाला न होकर जोखिम से बचने वाला होता है। वह यथार्थवादी जोखिम लेना पंसद करता है जिससे कि सफल हो सके। वह अपनी परियोजना की सफलता के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दर करने के लिए प्रयासरत रहता है। दूर


(2) उत्तरदायित्व की भावना: एक उद्यमी उत्पादन के साधनों का प्रभावशाली संयोजन करता रहता है

जिससे कि उत्पादकता तथा लाभ में वृद्धि हो सके। एक उद्यमी अपनी परियोजना की सफलता के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायित्व की भावना से कार्य करता है। यह किसी भी उद्यमी की महत्वपूर्ण विशेषता है। वह सभी साधनों पर नियंत्रण रखना पंसद करता है जिससे कि पूर्व निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति कर सके।


(3) ऊर्जा का उच्च स्तर: उद्यमी आम आदमी की तुलना में अधिक ऊर्जावान होते हैं। कड़ी मेहनत और अधिक समय तक कार्य करने की क्षमता उनकी विशेषता होती है वे अपनी आंतरिक इच्छा तथा दूसरे सफल उद्यमियों की सफलता की कहानियों से प्रेरित होते रहते है । सामान्यतः युवा, बुद्धिमान तथा रचनात्मक क्षमता वाले उद्यमी दिन में दूसरी संस्था में 8 घंटे काम करने की अपेक्षा अपने लिए 12 घंटे या उससे भी अधिक घंटों के लिए कार्य करने के लिए तत्पर होते है।


(4) अन्वेषक: एक अन्वेषक उद्यमी एक नई तकनीक या एक नया उत्पाद या एक नया बाजार शुरू करने के अवसरों की तलाश करता रहता है। वह नए बाजारों की खोज करता है तथा उसके अनुसार अपने संगठन को परिवर्तित भी करता है। वह आमतौर पर आक्रामक स्वभाव का होता है तथा विचारों को वास्तविकता में लाने के लिए प्रयासरत रहता है। उद्यमी नए आविष्कारों का बाजारीकरण करता है तथा बाजार में नए एवं अच्छे उत्पाद लाकर लाभ कमाता है और आत्मसंतुष्टि भी प्राप्त करता है।


(5) रचनात्मकताः रचनात्मकता का अर्थ है कि एक व्यक्ति कैसे समाधानों तक पहुंचता है जो उपयुक्त भी होते हैं तथा लाभदायक भी। यह एक विशेष गुण योग्यता है

जिसमें उद्यमी नए नए विचारों की खोज करता है तथा उन्हें इस ढंग से लागू करता है कि वे सभी को स्वीकार्य होते हैं। सफल अन्वेषण रचनात्मकता पर निर्भर होते हैं। एक उद्यमी की यह विशेषता उसके सफल होने में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


(6) प्रतिबद्धता तथा निश्चयात्मकता: उद्यमियों का ऊर्जा स्तर उच्चतम श्रेणी का होता है, जिसके कारण वे पूर्ण प्रतिबद्धता तथा लगन से कार्य करते है। ये प्रतिबद्धता ही उन्हें सफलता दिलाने में सहायक होती है वे अपने व्यापार के प्रति पूर्ण समर्पित होते हैं तथा कार्यों में पूर्ण रूप से संलग्न होते हैं। उनके कार्यों में प्रतिबद्धता तथा निश्चयात्मकता देखी जाती है। वे दिन-रात मेहनत करते हैं तथा अपने साथियों एवं सहसहकर्मियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रामाप स्थापित करते है। संस्थापक के रूप में वे अपने आपको संस्था के कार्यों में झोंक देते है ।


(7) भावी अभिविन्यास: एक उद्यमी में भविष्य में आने वाले अवसरों को पहचानने की क्षमता होती है। वह भूतकाल और वर्तमान काल से आगे भविष्य की ओर देखता है। वह खाली बैठना पंसद नहीं करता तथा भविष्य की तरफ अपना ध्यान केंद्रित रखता है। उद्यमी जे. आर. डी. टाटा, नारायण मूर्ति, अजीज प्रेम जी की तरह अपनी सोच भविष्य के साथ जोड़ने का प्रयास करता रहता है। उद्यमी एक स्पष्टसोच के साथ विकास के लिए कार्य में लगे रहते हैं। वे सकारात्मक सोच के साथ संगठन के भविष्य को सुनहरा बनाने का प्रयास करते हैं।


(8) आत्मविश्वासी और आशावादी: उद्यमी अपनी संपूर्ण समताओं का प्रयोग पूर्ण आत्मविश्वास के साथ करते हुए उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए कार्य करते हैं।

उन्हें कई तरह के उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। लेकिन वे खुद में विश्वास रखते हैं तथा उन घटनाओं का सामना करते हैं। वे एक सकारात्मक दृष्टिकोण और आशावादी विचारधारा के साथ काम करते हैं। वे इस तरह से स्वयं का साहस भी बनाए रखते हैं तथा अपने कर्मचारियों के लिए भी टीम भावना उत्पन्न करते हैं।


(9) संगठक: एक उद्यमी एक कार्य को पूरा करने के लिए लोगों को सही ढंग से साथ लेकर चलने की कला को भली-भांति जानता है। वह प्रभावशाली ढंग से कार्यों एवं लोगों को संगठित करता है तथा उनके सामूहिक प्रयासों से उद्देश्यों का प्राप्त करता है। व्यवसाय के विस्तार के लिए स्वेच्छापूर्वक अपने कर्तव्यों एवं अधिकारों का भारार्पण भी करता है।


(10) ईमानदारी तथा विश्वसीनयता: उद्यमी किसी और के द्वारा नियंत्रित किया जाना पंसद नहीं करते हैं। वे एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में कार्य करना चाहते हैं तथा वह भी स्वयं के लिए। वे पहल करने की क्षमता रखते है तथा अपनी परियोजना के प्रति ईमानदारी से कार्य करते है । उनका अपने ऊपर विश्वास और ईमानदारी उनकी विशिष्ट योग्यता के रूप में जाना जाता है ।


(11) सामाजिक जवाबदेही उद्यमी समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व के बारे में पूरी तरह जागृत होता है। वह यह जानता है कि समाज की उससे क्या आशाएँ हैं। वह इस भावना को संपूर्ण रूप से समझता एवं निभाता है। वह यह कार्य प्रभावशाली ढंग से करता है।

वह रोजगार प्रदान करने, नए उत्पाद बाजार में लाने, उचित कीमतों पर अच्छे उत्पाद देने, साधनों का उचित प्रयोग करने जैसे अनेक कार्यों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाता है। वह इस बात को अच्छे से समझता है कि अब पुरानी विचारधारा, जिसमें उद्यमी सिर्फ अपने लाभ के लिए कार्य करता था, स्वीकार्य नहीं है।


(12) लचीलापन उद्यमी स्वयं को बदलते हुए वातावरण के साथ बदलता रहता है। वह वर्तमान संदर्भ में व्यापार और ग्राहकों की बदलती हुई मांगों के अनुसार खुद को उनके अनुकूल ढालता रहता है। वह इस बात को भी समझता है कि अनावश्यक कठोरता उसके व्यापार को विपरीत परिस्थितियों में पहुंचा सकती है। अतः वह लोचशीलता की विशेषता को अपनाए रखता है।



(13) तकनीकी रूप से सक्षम: प्रौद्योगिक परिवर्तन आर्थिक विकास की प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। नए-नए आविष्कार आजकल विश्व के विकास का आधार बनते जा रहे हैं। एक नए उद्यम की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि वह नए तकनीकी परिवर्तनों को कैसे अपनाता है। इसलिए आजकल के उद्यमी तकनीकी रूप से सक्षम होते हैं । उनका तकनीकी ज्ञान एक सामान्य स्तर का तो होता ही है तथा वे बदलते परिवेश के साथ स्वयं को ढालते रहते हैं। आवश्यकतानुसार उत्पादन के तरीकों, तकनीकों तथा उत्पादों में भी वे परिवर्तन करते रहते हैं।


(14) संचार करने की क्षमता: एक उद्यमी की सफलता में संदेशवाहन की क्षमता का एक महत्वपूर्ण स्थान है प्रत्येक उद्यमी आजकल अच्छे संदेशवाहक के गुणों से परिपूर्ण होता है। वह इसके महत्व को अच्छे से समझता है तथा तकनीकों में परिवर्तन के साथ खुद को सुसज्जित करता रहता है।


(15) असफलता को सहने की क्षमता: एक उद्यमी में अनिश्चितता तथा अज्ञात परिणामों को सहने की क्षमता का होना अति आवश्यक समझा जाता है। वे कई बार ऐसे कार्यों के लिए इच्छुक होते है जिनके परिणामों के बारे में अनुमान लगाना बहुत ही कठिन होता है। वे अपनी इच्छाशक्ति और दृढ़ता से अनिश्चितता से भरे निर्णयों को लेते हैं तथा संबंधित चुनौतियों का सामना करने के लिए तत्पर रहते हैं। वे साहसपूर्वक प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हैं।


उपरोक्त वर्णित विशेषताओं को एक उद्यमी के लिए उपयोगी कौशल क्षमताओं के रूप में देखा जाता है। लेकिन इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि उपरोक्त वर्णित सभी विशेषताएं सभी संभावित उद्यमियों में विद्यमान होती है। उद्यमी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसमें किन विशेषताओं की कमी है। तथा उसे आवश्यकतानुसार अपने गुणों का विस्तार करते रहना चाहिए। ऐसा प्रशिक्षण एवं जागरूकता के आधार पर किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त यह सभी महत्वपूर्ण विशेषताएं हो सकती हैं तथा इसके अतिरिक्त अन्य बहुत-सी विशेषताएं भी उद्यमी में विद्यमान हो सकती है।