कंपनी का प्रबंधन :- एक परिचय - Company Management :- An Introduction
कंपनी का प्रबंधन :- एक परिचय - Company Management :- An Introduction
कंपनियों का उचित प्रबंधन लोकहित का विषय है क्योंकि इनके कुशल कार्य-संचालन में एक और एक शेयरधारी की हैसियत से अथवा एक कर्मचारी अथवा एक लेनदार की हैसियत से असंख्या व्यक्तियों के हित निहित होते हैं तथा दूसरी ओर ऐसे वांछनीय लोग भी होते हैं जो समाज के भोले-भाले सदस्यों का शोषण करने के लिए सतत् प्रयासरत होते है। इसी वजह से कंपनी अधिनियम में कंपनी के प्रबंधकीय व्यक्तियों की नियुक्ति, पारिश्रमिक एवं शक्तियों के बारे में व्यापक उपबंध दिए गए हैं। कंपनी के संदर्भ में प्रमुख प्रबंधकीय पदाधिकारी से आशय निम्नलिखित से है :
i) मुख्य कार्यकारी अधिकारी या प्रबंध संचालक या प्रबंधक
ii) कंपनी सचिव
iii) पूर्णकालिक संचालक
iv) मुख्य वित्रीय अधिकारी, एवं
(v) ऐसे अन्य अधिकारी जो निर्धारित किये जाय।
कंपनी अधिनियम के अतंर्गत किसी कंपनी के प्रबंधन एवं प्रशासन के लिए संचालक मंडल का होना वैकल्पिक है अर्थात कंपनी नियुक्त करे या न करे। प्रायः सभी कंपनियां प्रबंध संचालक या प्रबंधक की सहायता से संचालक मंडल द्वारा प्रबंधन करने की प्रबंध प्रणाली अपनाती है।
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