फैक्स - Fax

फैक्स - Fax


यह विधि प्रिन्ट किए हुए या टाइप किए हुए या लिखे हुए पष्ठों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर तुरन्त भेज सकती है। यह विधि बहुत ही सरल है। इस विधि के द्वारा वह व्यक्ति भी सन्देश भेज सकता है जिसे कम्प्यूटर का ज्ञान न हो। यह संचार के साधनों की एक इलैक्ट्रोनिक तकनीक है। इस का पूरा नाम फेसिमाइल ट्रांसमीशन (Fascimile Transmission) है। कम्प्यूटर के द्वारा दस्तावेजों को फैक्स मोडेम की सहायकता से प्रत्यक्ष रूप से सीधे ही प्रेषित किया जा सकता है। फैक्स के माध्यम से जो सन्देश भेजना होता है उसे मशीन में लगाने पर हूबहू मैटर दूसरे स्थान पर वैसा का वैसा पहुंच जाता है। फैक्स सर्विस टेलीफोन के साथ काम करती है। जिस स्थान पर खबर भेजनी होती है वहाँ का टेलीफोन नम्बर व फैक्स नम्बर मिलाकर मशीन को चालू कर देते हैं। तत्पश्चात् मशीन में जो सन्देश लगा दिया जाता है वह दूसरे स्थान पर वैसा का वैसा तुरन्त पहुँच जाता है।


समाचारों व शीघ्र भेजे जाने वाले सन्देशों के लिए इनका प्रयोग किया जाता है। फैक्स सर्विस निजी व्यक्तियों कम्पनियों भी प्रयोग में लाई जाती है। निजी कम्पनियाँ अपने समस्त कार्यालयों में फैक्स मशीन लगा लेती है और फिर सन्देश, खातों की नकलें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय को तुरन्त बिना समय बर्बाद किये भेजते रहते हैं। इलेक्ट्रानिक मशीनों में फेसीमाइल टेलीग्राफी को टेलीफैक्स या फैक्स मशीन के नाम से भी जाना जाता है।



फैक्स का महत्त्व:


यह एक त्वरित एवं सस्ती प्रणाली है जिसके द्वारा हम अपने दस्तावेजों की फोटोकापी इच्छित व्यक्ति तक अविलम्ब पहुंचा सकते हैं।

दैनिक कार्य प्रणाली से लेकर स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा, व्यापार, कृषि, बैंकिंग तथा बीमा आदि के क्षेत्र में फैक्स व्यापक परिवर्तन का एक मुख्य आधार बन गया है।


फैक्स का महत्त्व निम्न कारणों से है:


(i) सन्देश भेजने में सरलता: फैक्स के द्वारा सन्देश का भेजना एवं फैक्स मशीन का संचालन काफी


सरल एवं आसान है।


(ii) सन्देश की गोपनीयताः फैक्स के द्वारा भेजे गए सन्देश प्राप्तकर्त्ता और सन्देश भेजने वाले तक ही


सीमित रहते हैं। इस प्रकार गोपनीयता बनी रहती है। 


(iii) प्रलेखों की प्रतिलिपियाँ भेजना सम्भवः प्रलेख की मौलिक प्रतिलिपि फैक्स द्वारा भेजी जा


सकती है यही कारण है कि इसमें तथ्यों का तोड़-मरोड सम्भव नहीं है।


(iv) सेवा का प्रत्येक समय उपलब्ध होना: फैक्स सेवाएं दिन और रात चौबीस घण्टे उपलब्ध होती हैं डाकघर की तरह उसके खुलने का इन्तजार नहीं करना पड़ता। सन्देश सुविधानुसार कभी भी भेजे जा सकते हैं और प्राप्त किये जा सकते हैं।


(v) सन्देश भेजने में शीघ्रताः सन्देश छू स्थित जगहों को शीघ्रता अर्थात् कुछ क्षणों में ही भेजे जा


सकते हैं।


(vi) फैक्स सेवाओं का संसार में प्रत्येक स्थान पर उपलब्ध होना: हम फैक्स के द्वारा विश्व के प्रत्येक भाग में अपने सन्देश भेज सकते हैं।


(vii) मितव्ययी : संचार की दूरी और कथन की मात्रा (Contents) को ध्यान में रखते हुए फैक्स द्वारा सन्देश का भेजना सस्ता पड़ता है।


इन सभी q उपयोगिताओं के बावजूद फैक्स सेवाएँ काफी खर्चीली हैं। ये सभी स्थानों पर और सभी के लिए उपलब्ध नहीं हैं। छोटे स्तर के व्यापारियों के लिए ये अनुपयोगी हैं।


फैक्स की मर्यादाएँ (Limitations of Fax): (i) टेलीफोन पर निर्भर करता है।


(ii) इसमें बचत रहती है बशर्ते भेजे जाने वाली विषय-वस्तु (Matter) छोटी हो । 


(iii) इसकी कार्यक्षमता टेलीफोन पर निर्भर करती है।


(iv) यदि इसका प्रयोग सार्वजनिक स्थान से किया जाए तो विषय-वस्तु की गुप्तता नहीं रहती।


 

ई-मेल


इलक्ट्रोनिक मेल एक ऐसी संचार प्रणाली है जिसमें सन्देश कम्प्यूटर द्वारा प्रेषित किए जाते हैं। ई-मेल द्वारा सन्देश प्रेषित करते समय आप को यह पता नहीं है कि वह व्यक्ति विश्व भर में कहाँ है।

इस प्रणाली का प्रयोग करने वाले को यूजर कहा जाता है। (User) यूजर अपने कार्यालय, होटल तथा घर कहीं से भी इस प्रणाली का प्रयोग कर सकता है। इस प्रणाली में बहुत से महत्पूर्ण तत्व निहित होते हैं जैसे प्रेषक, प्राप्तकर्ता, पता, सन्देश, यूजर गेटवे, डाइरेक्ट्री सिस्टम, प्रोटोकाल आदि। इसमें सन्देश वह सूचना होती है, जो एक यूजर द्वारा दूसरे यूजर को प्रेषित की जाती है। ई-मेल प्रणाली में संदेश प्रेषण तथा सन्देश प्राप्त करने की प्रक्रिया एक समान होती है। जिस प्रोग्राम के द्वारा सन्देश को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है उस सॉफ्टवेयर को ट्रांसपोर्ट करना कहते हैं। प्रत्येक सन्देश एक मशीन से दूसरी मशीन पर गेटवे से हो कर निकलता है। गेटवे एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो ई-मेल के लिए विभिन्न कम्प्यूटरों के लिए स्वकृति आधार पर तैयार किया जाता है।

ई-मेल के लाभ व उपयोगिता- ई-मेल व्यावसायिक संगठनों के लिए बहुत उपयोगी होता है इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:


1. सन्देश को लिखना व पढ़ना दोनों क्रियाएं संयुक्त रूप से एक यूजर अपने प्राप्तकर्ता को सीधे सन्देश प्रेषित कर सकता है। एक लिखित सन्देश में कुछ सुधार व परिवर्तन करना चाहे तो वह भी कर सकता है।


II. व्यक्तिगत सूचनाओं में उपयोगीता :- ई-मेल के द्वारा आप अपनी व्यक्तिगत सूचनाएं अपने मित्रों तथा परिवार को विश्व में कहीं भी प्रेषित कर सकते हैं।


औपचारिकता की आवश्यकता नहीं होती:- ई-मेल तकनीक से सन्देश संक्षिप्त व स्पष्ट चाहिए। इसमें किसी प्रकार की औपचारिकता पूरी करने की आवश्यकता नहीं होती।

एक प्रकार से अनौपचारिक रूप से सन्देश प्रेषित किया जाता है।


ई-मेल में कार्य करने का ढंग:


सन्देश भेजने के लिए प्रक्रिया


• लॉग ऑन कीजिए।


• इससे कम्प्यूटर से जुड़ जाते हैं।


• पासवर्ड तथा यूजर का नाम बताइए।


• अपने प्राप्तकर्ता का ई-मेल पता बताइए।


• सन्देश दीजिये।


• कम्प्यूटर को निर्देश दीजिए।


ई-मेल में सन्देश पढ़ने के लिए प्रक्रियाः


• लॉग ऑन करके कम्प्यूटर द्वारा प्राप्त नए सन्देश की सूची देखिए ।


• जिस सन्देश को आप पढ़ना चाहते है उस सन्देश को चुनिए ।


आप की ई-मेल तकनीक में एक स्टोर होता है जहाँ आपके सन्देश सुरक्षित रखे जाते हैं।


ई-मेल में शिष्टाचार का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। यह लिखित संचार का एक औपचारिक तरीका होता है। औपचारिक माध्यम होने के कारण आप नियम में बंधे हुए होते हैं। अतः प्राप्तकर्ता को ध्यान में रखते हुए ही सन्देश प्रेषित करना चाहिए। सन्देश को संक्षिप्त व सप्ष्ट भाषा में लिखें। अतः सभ्यता व शिष्टता का ध्यान रखते हुए यदि हम ई-मेल करते हैं तो हमारा सन्देश और भी प्रभावी बन जाता है। अतः ई-मेल शिष्टाचार में निम्नलिखित विशेषताएं होनी चाहिए


i) सन्देश संक्षिप्त व स्पष्ट हो।


ii) सन्देश महत्वपूर्ण विषय का हो।