भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (IIE) - Indian Institute of Entrepreneurship Development (IIE)
भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (IIE) - Indian Institute of Entrepreneurship Development (IIE)
भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान की स्थापना सर 1993 में गोहाटी में भारत के कानून मंत्रालय द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य लघु उद्योगों तथा उद्यमिता के बारे में प्रशिक्षण, शोध एवं सलाहकार के रूप में सेवाएं प्रदान करना था। इस संस्थान को समिति पंजीकरण अधिनियम, 1960 के अंतर्गत पंजीकृत भी करवाया गया। इसने अपना कार्य अप्रैल 1994 में करना प्रारंभ किया। भारत सरकार के अतिरिक्त, भारत के पूर्वोत्तर परिषद, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक, नागालैंड सरकार तथ अरूणाचल प्रदेश की सरकारी इसके मुख्य प्रायोजक हैं। यह संस्थान विभिन्न गतिविधियों के द्वारा समाज में उद्यमिता का वातावरण तैयार करता है। इसकी मुख्य क्रियाओं में नए उद्यमियों का विकास करना स्थापित उद्यमियों का विकास करना था युवाओं को उद्यमिता के संबंध में शिक्षा देना शामिल हैं। इस संस्थान के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं :
(i) उद्यमित के विका के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना तथा इसे लागू करना।
(ii) विभिन्न लक्ष्य समूहों, स्थानों तथा क्षेत्र परीक्षण प्रणाली की रणनीतियाँ तथा विधियाँ विकसित करना।
(iii) विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थान जो उद्यमिता के प्रोत्साहन एवं सहायता कर्यो में लगे हुए हैं उनके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अन्य संबंधित प्रोत्साहन कार्यों की पहचान करना।
(iv) स्वरोजगार स्थापित करने की नीति निर्माण के लिए आवश्यक दस्तावेज इकट्ठे करना तथा उनकी जानकारी आवश्यकतानुसार संभावित उद्यमियों तक पहुंचाना।
(v) वर्तमान उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करना तथा उसे आयोजित करना ।
(vi) उद्यमिता एवं औद्योगिक विकास से संबंधित साहित्य तैयार करना तथा उसे प्रकाशित करना।
(vii) विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों की सहायता से कार्यशालाएं, सेमिनार एवं सम्मेलन आयोजित करना तथा विचार-विमर्श के लिए सांझा मंच प्रदान करना।
(viii) उद्यमिता विकाय के लिए आवश्यक जानकारी इकट्ठा करने के लिए शोध कार्य करना ।
(ix) स्वरोजगार, उद्यमिता विकास, औद्योगिक विकास आदि के लिए उत्प्रेरक का कार्य
करना।
(x) उद्यमिता के बारे में जागृति करने के लिए मीडिया के विभिन्न साधनों का प्रयोग करना।
भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDI)
यह भारत के शीर्ष उद्यमिता विकास संस्थानों में से एक है जिसे विभिन्न बैंकों जैसे (IDBI), (ICICI), (IFCI) तथा (SBI) का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। यह गुजरात औद्योगिक और तकनीकी परामर्श उद्यमिता विकास संगठन से उभरा है। इसे गुजरात सरकार का सक्रिय समर्थन प्राप्त है। इसे राष्ट्रीय संसाधन संगठन के रूप में मान्यता प्राप्त है तथा यह उद्यमिता शिक्षा, शोध तथा प्रशिक्षण के कार्य करता है। यह 1983 में स्थापित किया गया। यह स्वायत्तता प्राप्त संस्था है, जिसका उद्देश्य लाभ कमाना नहीं है। यह उद्यमिता के क्षेत्र में पिछड़े क्षेत्रों तथा विशेष लक्ष्य समूह की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए अनुसंधान, प्रशिक्षण तथा संस्था निर्माण जैसी गतिविधियां करता है। इसके उद्यमिता विकास कार्यक्रमों में मुख्य रूप से निम्नलिखित गतिविधियाँ शामिल हैं:
(i) संभावित उद्यमियों का चयन करना
(ii) उपलब्धि प्राप्ति प्रेरणा के लिए प्रशिक्षण देना
(iii) परियोजना रिपोर्ट तथा उत्पाद के चयन संबंधी जानकारी व सहायता
(iv) व्यावसायिक प्रबंध संबंधी प्रशिक्षण
(v) व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा कार्य अनुभव
(vi) प्रशिक्षण के बाद भी प्रोत्साहित करना तथा अनुसरण करना
यह संस्थान इस अवधारणा पर कार्य करता है कि उद्यमी सिर्फ पैदा नहीं होते हैं अपितु अच्छी तरह
से तैयार की गई नीतियों एवं कार्यक्रमों द्वारा भी उन्हें तैयार एवं विकसित किया जा सकता है। इस संस्थान द्वारा चलाए जा रहे उद्यमिता विकास कार्यक्रमों को सबसे पुराने, बड़े, विस्तृत तथा सबसे संगठित कार्यक्रमों में शामिल किया जाता है।
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