अनौपचारिक सन्देशवाहन - Informal or Grapevine Communication

अनौपचारिक सन्देशवाहन - Informal or Grapevine Communication


अर्थ (Meaning)- औपचारिक सन्देशवाहन हर तरह की औपचारिकताओं से मुक्त होता हैं। औपचारिक सन्देशों का विनिमय प्रायः सामूहिक भोजन के समय, सामाजिक अवसरों, पार्टियों आदि पर होता है। इसमें विवेचन, सुझाव आदि शामिल होते हैं। इस अन्तर्गत सन्देशवाहन इशारे से, सिर हिलाकर मुस्कराहट व शान्त रहकर किया जाता है। उदाहरण के लिए एक अधिकारी अपने अधीनस्य की शिकायत अपने उच्च अधिकारी को करना चाहता है लेकिन शिकायत लिखने से डरता है तो वह बातों बातों में अनौपचारिक सन्देशवाहन द्वारा अवसर देखकर अनौपचारिक तरीके से बता सकता है। औपचारिक सन्देशवाहन को अंगूरीलतासन्देशवाहन के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस का अंगूर की बेल की तरह कोई निश्चित रास्ता नहीं होता।


विशेषताएँ (Characteristics)


औपचारिक सन्देशवाहन की महत्त्वपूर्ण विशेषताएँ निम्नलिखित हैं


1. सामाजिक संबन्धों द्वारा स्थापना- यह सन्देशवाहन सामाजिक संबन्धों द्वारा उत्पन होता है। संगठन के प्रतिबन्धों से बाहर होता है। अधिकारी-अधीनस्थ जैसा कोई संबंधइसके बीच नहीं आता।


2. दो तरह की सूचनाएँ इसके द्वारा व्यक्ति सम्बन्धी व कार्य-सम्बंधी दो प्रकार की सूचनाएँ प्राप्त की जाती हैं।


3. मार्ग अनिश्चित् इसका कोई निश्चित मार्ग नहीं होता बल्कि अंगूरकी बेल की तरह टेढ़ा-मेढ़ा होता है।


14. शीघ्र प्रसार अनौपचारिक सन्देशवाहन द्वारा खबरें जंगल की आग की भाँति फैलती हैं। कभी-कभी तो बात का वास्तविक अर्थ भी बदल जाता है। 15. गलतफहमियों की सम्भावना- इस में व्यक्गित उत्तरदयित्व निर्धारित नहीं किया जा सकता अतः


बातें करते समय उनके अर्थ की ओर ध्यान नहीं दिया जाता परिणाम स्वरूप अफवाहों का बाजार गर्म रहता है।


लाभ (Advantages)- अनऔपचारिक सन्देशवाहन श्रृंखला के निम्नलिखित लाभ है।


1. तेज तथा प्रभावपूर्ण सन्देशवाहन इस श्रृंखला द्वारा सन्देश बहुत जल्दी प्रसारित होता है व उसका


प्रभाव भी अधिक होता है। 2. खुला वातावरण अनौपचारिक सन्देशवाहन खुले वातावरण में होता है यहाँ किसी छोटे या बड़े पद


का दबाव नहीं होता।


सीमाएँ (Limitations )- अनौपचारिक सन्देशवाहन की सीमाएँ या दोष निम्नलिखित प्रकार से हैं


1. सूचनाएँ विश्वसनीय न होना:- इस सन्देशवाहन से प्राप्त सूचनाओं पर विश्वास नहीं किया जा सकता अतः उनके आधर पर कोई निर्णय भी नहीं लिया जा सकता।


2. अव्यवस्थित- यह सन्देशवाहन अव्यवस्थित होता है जरूरी नहीं कि सूचना सम्बन्धित व्यक्ति तक पहुंच जायेगी।