बोनस शेयरों का निर्गमन - issue of bonus shares
बोनस शेयरों का निर्गमन - issue of bonus shares
जब कंपनी अपने लाभों एवं आरक्षित निधि को लाभांश के रूप में वितरित नहीं करती बल्कि उनका सदस्यों को पूर्णदत्त शेयरों के निर्गमन के लिए प्रयोग करती है तो ऐसे निर्गमित शेयरों को बोनस शेयर कहा जाता है। बोनस शेयर, विद्यमान ईक्विटी शेयरधारियों को उनके द्वारा धारित शेयरों के अनुपात में आबंटित किये जाते हैं; ऐसे शेयरों के निर्गमन के परिणाम स्वरूप ईक्विटी शेयर धारकों को कुछ अतिरिक्त पूर्णदत्त शेयर प्राप्त ह हैं तथा कंपनी की निर्गमित शेयर पूँजी बढ़ जाती है। इन शेयरों को प्राप्त करने के लिए शेयरधारियों को अलग से कोई भुगतान नहीं करना पड़ता है क्योंकि इनका निर्गमन कंपनी के लाभों या आरक्षित निधियों से किया जाता है। इसीलिए ऐसे निर्गमन को संचित लाभों का पूँजीकरण भी कहा जाता है।
बोनस शेयरों के निर्गमन के लिए धारा 55(4) के अधीन पूँजी विमोचन आरक्षित खाते तथा धारा 52 (3) के अंतर्गत प्रतिभूति प्रीमियम खाते का प्रयोग भी किया जा सकता है।
कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 63 में बोनस शेयरों के निर्गमन के संबंध में उपबंध दिए गए हैं। धारा 63 (1) सकती हैं: अनुसार कंपनी अपने सदस्यों को पूर्णदत्त बोनस शेयरों को निम्नलिखित में से जारी कर
i. कंपनी के मुक्त आरक्षित कोषों में से; या
ii. पूँजी विमोचन आरक्षित खाते में से; या
iii. प्रतिभूति प्रीमियम खाते में से।
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