खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) - Khadi and Village Industries Commission (KVIC)

खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) - Khadi and Village Industries Commission (KVIC)


खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग भारत सरकार द्वारा स्थापित एक संवैधानिक संस्था है। यह खादी एवं ग्रामीण उद्योगों के विकास के लिए स्थापित की गई एक स्वायत्तता प्राप्त संस्था है। यह देश के सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत अपना कार्य करती है। उसके मुख्य रूप से तीन उद्देश्य हैं:


(i) रोजगार प्रदान करने का सामाजिक उद्देश्य


(ii) बाजार में बिकने वाले उत्पादों के निर्माण का आर्थिक उद्देश्य,


(iii) समाज के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्रामीण समुदाय की तीव्र भावना का निर्माण करने का महत्त्वपूर्ण उद्देश्य |


खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के मुख्य कार्य


इस आयोग के महत्त्वपूर्ण कार्य निम्नलिखित हैं:


(i) खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का मुख्य कार्य खादी एवं ग्रामीण उद्योगों के विकास के लिए प्रात्साहन कार्यक्रम तैयार करना तथा उन्हें लागू करना है। ग्रामीण विकास के कार्यों में शामिल अन्य संस्थाओं के साथ भी इसे समन्वय स्थापित करते हुए यह कार्य करना होता


(ii) इसका एक प्रमुख कार्य कच्चे माल का भंडार अपने पास रखना होता है,

जिसे आवश्यकतानुसार उत्पादों को दिया जा रहा है। इसी तरह से विभिन्न उत्पादन क्रियाएँ जो कच्चे माल को अर्धनिर्मित माल में परिवर्तित करती है, उसके लिए भी सेवाएँ प्रदान करता है। माल तैयार हो जाने के पश्चात उसे बेचने संबंधी सुविधाएँ भी बोर्ड के कार्यक्षेत्र में आती हैं। यह लघु तथा ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे कारीगारों को प्रशिक्षण देने का भी कार्य करता है।



(iii) लघु एवं ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उनमें प्रयोग की जाने वाली उत्पादन विधियों एवं संयत्रों के संबंध में शोध कार्य करने का दायित्व भी इस बोर्ड को सौंपा गया है। लघु एवं ग्रामीण उद्योगों की समस्याओं का भी यह अध्ययन करता है जिससे उन्हें प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

यह उद्योगों को गैर-पारंपरिक ऊर्जा के स्रोतों को व्यवसाय में प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने का भी कार्य करता है।


(iv) यह बोर्ड विभिन्न व्यक्तियों एवं संस्थाओं को, जो ग्रामीण एवं लघु उद्योगों के विकास कार्यों में लगे हुए हैं, वित्तीय सहायता भी प्रदान करता है। यह उन्हें उत्पादों के डिजाइन तथा अन्य तकनीकी जानकारियां प्रदान करके उनके मार्गदर्शक के रूप में भी कार्य करता है।


यह बोर्ड खादी संबंधी कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने तथा इन कार्यों के लिए वित्तीय सहायकता प्रदान करने का भी कार्य करता है। यह कार्य वह विभिन्न पंजीकृत संस्थाओं एवं सहकारी संस्थाओं के साथ मिलकर करता है। यह ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत पारंपरिक कारीगरों के अवसर प्रदान करने के लिए उनकी योग्यता / कौशल के आधार पर ऋण प्रदान करने का भी कार्य करता है।