लेज़र प्रिंटर - laser printer

लेज़र प्रिंटर - laser printer


विद्युतस्थैतिक नली पर लेज़र किरण को केन्द्रित करने हेतु बहु दिशा वाले दर्पण का उपयोग किया जाता है। दर्पण लेज़र किरण को नली पर इस प्रकार से केन्द्रित करता है जिससे वर्ण और इमेज कागज पर अंकित हो जाता है। विद्युतस्थैतिक नली प्रकाश सुचालक (Photo Conductive) होने के नाते जब लेज़र किरण जहाँ जहाँ नली पर पड़ेता है वह स्थान इलेक्ट्रिक चार्ज हो जाता है । टोनर में विपरीत चार्ज के इंक कण होते है जो नली जो लेसर किरण पुंज से एक्सपोस स्थान पर चिपक जाता है जिससे वर्ण और इमेज़ कागज पर छपता है। इसके उपरांत नली घुमती है फिर से रबर ब्लेड से साफ़ हो जाता है जिससे नली से अगले पृष्ठ की प्रिंटिंग की जा सके।


लेज़र प्रिंटर से उच्च गुणवत्ता वाले प्रिंटिंग की जाती है क्योकि सूक्ष्म इंक कण का इस्तेमाल मुद्रण के लिए किया जाता है जिससे इसकी गुणवत्ता 600 डी. पी. आई से लेकर 1200 डी.पी. आई तक हो सकती है। 1200 डी.पी.आई पर प्रिंटिंग करने पर बहतरीन गुणवता वाले ग्राफिक्स व इमेज को प्रिंट किया जा सकता है।


लेज़र प्रिंटर में मुद्रण के लिए लेज़र किरण का सहारा लिया जाता है इसका इस्तेमाल प्रिंटिंग हेड पर पैटर्न का निर्माण करने के लिए किया जाता है। अतः यह प्रिंटर किसी प्रकार के विशिष्ठ वर्ण, किसी आकर के वर्ण तथा प्रोग्राम से उत्पन्न ग्राफिक्स जैसे- चार्ट, ग्राफ, इमेज इत्यादि को मुद्रित करने में सक्षम है।


लेज़र प्रिंटर से ज्यादातर श्वेत व श्याम मुद्रण किया जाता है लेकिन बहुल टोनर वाले रंगीन मुद्रक : भी बाज़ार में है जिससे कम लगत में उच्च गुणवत्ता का मुद्रण किया जा सकता है।


लेज़र प्रिंटर की मुद्रण गति अन्य प्रिंटर के तुलना में अधिक होता है। इसमें कम गति वाले प्रिंटर भी 4 से 12 पृष्ठ प्रति मिनिट के गति से मुद्रण करने में सक्षम होता है। इससे उच्च गति वाले लेज़र प्रिंटर भी होते है। लेज़र प्रिंटर से मुद्रण अन्य प्रिंटर के तुलना में खर्चीला होता है लेकिन मुद्रण गुणवत्ता अधिक होती है।