संचालकों की शक्तियों के संबंध में कानूनी उपबंध - Legal Provisions with respect to Powers of Directors
संचालकों की शक्तियों के संबंध में कानूनी उपबंध - Legal Provisions with respect to Powers of Directors
धारा 173 (3) प्रावधान करती है कि अंतर्नियमावली में लगाए गए प्रतिबंधों के अधीन, निम्नलिखित शक्तियाँ मंडल की बैठकों में पारित किए गए संकल्पों के माध्यम से केवल मंडल द्वारा ही प्रयोग की जा सकती है :
1) शेयरों पर अदल राशि की मांगकरने की शक्तिय
2) कुल बदल इक्विटि शेयर पूँजी और मुक्त आरक्षित कोषों के 10% तक अपने शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों का क्रय करने के लिए कंपनी को अधिकृत करने की शक्ति;
3) शेयर या ऋण-पत्र जारी करने की शक्तिः
4) ऋण-पत्रों के अलावा किसी अन्य तरीके से धन उधारलेने की शक्ति;
5) कंपनी की निधियों का विनियोजन करने की शक्ति;
6) ऋण देने या ऋणों के संबंध में गारंटीया प्रतिमूर्ति देने की शक्ति;
7) वित्तीय विवरण एवं संचालक मंडल की रिपोर्ट के अनुमोदन की शक्ति;
8) कंपनी के व्यवसाय में परिर्वन करने की शक्ति;
9) एकीकरण, संविलयन या पुनर्निर्माण के अनुमोदन की शक्ति;
10) किसी कंपनी का अधिग्रहण करने या अन्य कंपनी पर नियंत्रण करने या सारभूत साझेदार अर्जित करने की शक्ति:
11) कोई अन्य विषय जो निर्धारित किया जाए।
उपर्युक्त शक्तियों के अतिरिक्त, कंपनी अधिनियम की अनेक अन्य धाराओं के अंतर्गत कुछ अन्य शक्तियों की भी व्यवस्था की गई हैं, जिनका प्रयोग केवल मंडल की बैठकों में ही किया जाना चाहिए, जैसे कि :
1) कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अनुमोदन की शक्ति।
2) अंतर्नियमावली में दिए गए विनियमों के अधीन संचालकों के आकस्मिक रिक्त स्थान की पूर्ति करने स्थानापान्न संचालक नियुक्त करने और अतिरिक्त संचालक नियुक्त करने की शक्ति।
3) राजनीतिक दल को चंदा देने की शक्ति।
4) संबद्ध पक्षकार के साथ कोई संविदा था ठहराब करने की शक्ति ।
5) वार्षिक सभा में शेयधारियों द्वारा स्वकृति के लिए कंपनी द्वारा घोषित किए जाने वाले लाभांश की दर की सिफारिष करने की शक्ति।
6) कंपनी के प्रथम लेखा परीक्षक की नियुक्ति करने की शक्ति तथा लेखा परीक्षा के आकस्मिक रिक्त स्थानकी पूर्ति करने की शक्ति ।
7) ऋण शोधन क्षमता की घोषणा करने की शक्ति ।
8) प्रमुख प्रबंधकीय कार्मियों के रिक्त स्थान की पूर्ति करने की शक्ति ।
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