घटाये गये शेयरों के संबंध में सदस्यों का दायित्व - Liability of members in respect of reduced shares

घटाये गये शेयरों के संबंध में सदस्यों का दायित्व - Liability of members in respect of reduced shares


कंपनी अधिनियम की धारा 66 (7) व (8) के अनुसार, शेयर पूँजी में कमी किये जाने के उपरांत, कंपनी का कोई भी भूतपूर्व अथवा वर्तमान सदस्य लिए गए शेयर पर प्रदत्त धनराशि तथा उसके घटाए गए अंकित मूल्य के अंतर के लिए ही दायी होता है। परंतु एक विशेष स्थिति में सदस्यों को उनके द्वारा लिए गए शेयरों के मूल अंकित मूल्य पर दायी ठहराया जा सकता है।


शेयरों के प्रकार


एक कंपनी में लाभांश तथा मतदान आदि अधिकार में भिन्नता रखने वाले कई प्रकार के शेयर हो सकते हैं। विभिन्न प्रकार के शेयरों का वर्गीकरण निम्नलिखित चार्ट के माध्यम से दर्शाया गया है-


पूर्वाधिकार शेयर-


कंपनी अधिनियम की धारा 43 के अनुसार, “पूर्वाधिकार शेयर ऐसे शेयर हैं जिन्हें (क) कंपनी के जीवन काल में एक निश्चित दर से लाभांश पाने का प्रथम अधिकार होता है, तथा (ख) कंपनी के समापन के समय पूँजी के वापस लौटाये जाने का भी प्रथम अधिकार होता है।" यदि किन्हीं शेयरों को उपर्युक्त दोनों पूर्वाधिकार में से केवल एक ही पूर्वाधिकार प्राप्त हों तो उन्हें इक्विटि शेयर ही माना जायेगा। पूर्वाधिकार शेयरधारी को ईक्विटी शेयरधारी की अपेक्षा केवल अधिमान्य अधिकार ही प्राप्त होता है। वह उस स्थिति में ही निश्चित दर से लाभांश पाएगा जबकि लाभांश घोषित किया गया हो। यदि किसी वर्ष कंपनी ने लाभांश घोषित नहीं किया तो उसे कोई लाभांश नहीं दिया जाएगा। पूर्वाधिकार शेयर के स्वामी की स्थिति ऋण-पत्र के स्वामी के समान नहीं होती। ऋण-पत्र के स्वामी को अपने विनियोग पर सदैव ब्याज प्राप्त करने का अधिकार होता है, चाहे कंपनी को हानि ही क्यों न हुई हो। परन्तु पूर्वाधिकार शेयर के स्वामी को सदैव लाभांश मिलते रहने की गारंटी नहीं दी जाती बल्कि केवल यह पूर्वाधिकार दिया जाता है कि यदि कमी कंपनी लाभांश बाँटेगी तो उसे इक्विटी शेयर के स्वामी से पहले निश्चित दर से लाभांश दिया जायेगा।