लिखित सन्देशवाहन की सीमाएं - Limitations of Written Communication

लिखित सन्देशवाहन की सीमाएं - Limitations of Written Communication


लिखित सन्देशवाहन के जहाँ इतने लाभ हैं वहीं इसकी कुछ सीमाएं व दोष भी हैं जो निम्नलिखित प्रकार से हैं


1. अशिक्षित व्यक्तियों के लिए अनुपयुक्त:- अनपढ़ व्यक्तियों के लिए लिखित सन्देशवाहन पद्धति का


कोई महत्त्व नहीं है इन्हें तो केवल बोलकर ही बात समझाई जा सकती है।


2. गोपनीयता की कमी- लिखित प्रमाण होने के कारण किसी भी सूचना को गोपनीय नहीं रखा जा सकता।


3. समय का अपव्यय- यदि कम महत्त्वपूर्ण तथ्यों को लिखित रूप से भेजना, संगठन के नियमों के अनुसार आवश्यक हो तो समय, श्रम व धन का अपव्यय होता है।


4. प्रप्तिपुष्टि की तुरन्त जानकारी नहीं सूचना प्राप्तकर्ता की प्रतिक्रियाओं की जानकारी तुरन्त प्राप्त न होने के कारण निर्णय लेने में कठिनाई होती है। सन्देश में तुरन्त सुधार करना भी कठिन हो जाता है।