शेयर का अर्थ एवं परिभाषा - Meaning and definitions of share

शेयर का अर्थ एवं परिभाषा - Meaning and definitions of share


'शेयर' वह इकाई है जिसमें कंपनी की संपूर्ण पूँजी को विभाजित किया जाता है। कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 21(84) के अनुसार, “शेयर से तात्पर्य कंपनी की शेयर पूँजी के एक भाग से है और उसमें स्टॉक भी सम्मिलित किया जाता है।” कंपनी अधिनियम में दी गई यह परिभाषा 'शेयर' की प्रकृति को पूर्णतथा स्पष्ट नहीं करती।


आयकर आयुक्त बनाम स्टैण्डर्ड वैक्यूम ऑयल कंपनी के बाद में भारत के उच्चतम न्यायालय ने शेयर को इस प्रकार परिभाषित किया है, एक कंपनी में शेयर का आशय मुद्रा की किसी राशि से नहीं वरण् मुद्रा की राशि द्वारा माथे गये हित लाभ से होता है

तथा कंपनी की अंतर्नियमावली द्वारा इसके धारकों को विभिन्न अधिकार दिये जाते हैं जिससे उसके एवं कंपनी के बीच संविदा होता है।"


इस प्रकार शेयर किसी शेयरधारी का कंपनी में अधिकारों एवं हितों के स्वामित्व का आधार होता है। शेयर केवल मुद्रा की एक राशि नहीं होती बल्कि यह कंपनी के जीवन काल में उसके लाभों में तथा कंपनी के समापन की स्थिति में उसकी संपत्ति में हिस्सा बँटवाने का मुद्रा मूल्य वाला हित अथवा अधिकार होता है। शेयरधारी कंपनी की संपत्ति में किसी निश्चित भाग का स्वामी नहीं होता बल्कि केवल कंपनी में अपने हित का स्वामी होता है। कानून की दृष्टि में शेयरधारी कंपनी के व्यवसाय में साझेदारी नहीं माने जाते क्योंकि कंपनी अपने सभी शेयरधारियों से सर्वथा भिन्न अस्तित्व रखती है। शेयर अपने स्वामी को केवल कुछ अधिकार एवं दायित्व प्रदान करता है जैसे लाभांश पाने का अधिकार, मतदान करने का अधिकार, याचना पर भुगतान करने का दायित्व तथा अंतर्नियमावली एवं ज्ञापन पत्र की व्यवस्थाओं से आबद्ध होने का दायित्व ।