राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्ययवसाय विकास संस्था न (NIESBUD) - National Institute for Entrepreneurship and Small Business Development (NIESBUD)

राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्ययवसाय विकास संस्था न (NIESBUD) - National Institute for Entrepreneurship and Small Business Development (NIESBUD)


भारत सरकार यह आवश्यकता काफी समय से महसूस कर रही थी कि ऐसी संस्था का निर्माण किया जए जो उद्यमिता विकास की दिशा में किए जा रहे विभिन्न संस्थाओं के प्रयासों में समन्वय स्थापित कर सके। एक ऐसी संस्था जो इन कार्यों में लगे प्रशिक्षकों तथा प्रेरणा स्त्रोतों को प्रोत्साहित करे, प्रशिक्षण कार्यक्रमों का पाठ्यक्रम तैया करे, लाभ पाने वाले समूहों की पहचान की विधि निर्धारित करे। इस सब से उद्यमिता विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।


इस सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार के उद्योगों मंत्रालय के द्वारा सन् 1983 में राष्ट्रीय उद्यमिता लघु व्यवसाय तथा विकास संस्थान की स्थापना की गई।

यह विशेष रूप से छोटे पैमाने पर व्यवसाय और छोटे व्यवसायों के क्षेत्र में उद्यमशीलता के विकास में लगी विभिन्न संस्थाओं / एजेंसियों की निगरानी तथा उनमें समन्वय स्थापित करने वाली शीर्ष संस्था है। यह भारतीय सोसायटी अधिनियम के अंतर्गत एक पंजीकृत संस्था है जिसने अपना कार्य 6 जुलाई, 1983 को करना शुरू कर दिया था। वह देश में उद्यमिता विकास के बारे में नीति निर्धारण करने वाली शीर्ष संस्था के लिए सचिवालय का भी कार्य करता है। NIESBUD, इस बोर्ड के द्वारा की गई सिफारिशों को लागू करवाने का कार्य करता है।


राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान के उद्देश्य


इस संस्थान के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:


(i) देश में उद्यमिता विकास के कार्यों में तेजी लाना तथा इसका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग को मिले इस बात को भी सुनिश्चित करने के लिए एक शीर्ष संस्था के रूप में कार्य करना ।


(ii) उद्यमिता विकास से संबंधित गतिविधियों को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए इस दिशा में कार्यरत विभिन्न संस्थाओं / एजेंसियों की मदद करना तथा उनकों प्रोत्साहित करना। 


(iii) संचालित उद्यमियों के चयन, प्रशिक्षण, प्रोत्साहन आदि के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के लिए मानक स्थापित करना, जिससे वे प्रशिक्षण के पश्चात सफलतापूर्वक व्यवसाय स्थापित कर सकें।


(iv) उद्यमिता विकास से संबंधित शोध कार्य आयोजित कर प्रशिक्षणार्थियों, प्रवर्तकों को


महत्त्वपूर्ण सूचना प्रदान करना।


(v) उद्यमिता विकास के लिए विभिन्न स्तरों पर अनुभवों एवं विचारों के आदान-प्रदान के लिए कार्यात्मक मंच प्रदान करना।


राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान की गतिविधयाँ


इस संस्थान की मुख्य गतिविधियाँ इस प्रकार से हैं :


(i) प्रभावी प्रशिक्षण रणनीति तथा कार्यप्रणाली विकसित करना।


(ii) विभिन्न लक्षित समूहों के प्रशिक्षण के लिए मॉडल पाठ्यक्रम विकसित करना


(iii) लक्षित समूहों के चयन की वैज्ञानिक विधि तैयार करना।


(iv) प्रशिक्षण तकनीकी, मैनुअल तथा उपकरणों का विकास करना ।


(v) उद्यमिता विकास कार्यक्रमों में शामिल विभिन्न संगठनों/संस्थाओं को इन कार्यक्रमों को लागू करने के लिए सुविधाएँ प्रदान करना तथा सहायता देना।


 (vi) उद्यमिता विकास के लाभों को अधिकतम स्तर तक ले जाना तथा उनमें तेजी लाना।


राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान के कार्य


इस संस्थान ने अपना कार्य 6 जुलाई, 1983 से करना प्रारंभ किया था। इसके मुख्य कार्य


निम्नलिखित है:


(i) शीर्ष संस्थान के कार्य: यह एक राष्ट्रीय शीर्ष संसाधन संस्थान के रूप में कार्य करता है तथा इस बात


को सुनिश्चित करने का प्रयत्न करता है कि उद्यमिता विकास का प्रभाव संपूर्ण देश पर तथा समाज के सभी वर्गों पर पड़े।


(ii) प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन उद्यमिता विकास, प्रशिक्षण तथा उनसे संबंधित अन्य गतिविधियों को सफलतापूर्वक चलाने में मदद करता है।



(iii) प्रशिक्षण गतिविधियों में समन्वय स्थापित करना यह संस्थान देश में विभिन्न संगठनों एवं संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे उद्यमिता विकास कार्यक्रमों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में समन्वय स्थापित करता है।


(iv) स्वरोजगार परियोजना की स्थापना में सहायता : यह संस्थान संभावित उद्यमियों की पहचान करके, उन्हें प्रशिक्षित व प्रोत्साहित करके स्वरोजगार स्थापित करने में भी सहायता करता है। संभावित उद्यमी तकनीकी अथवा गैर तकनीकी योग्यता वाले हो सकते हैं तथा स्वरोजगार उत्पादन या


सेवा के क्षेत्र में स्थापित कर सकते है।


(v) परीक्षाएं आयोजित करना यह संस्थान विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले तथा प्रशिक्षण देने वाले लोगों के लिए परीक्षाओं का भी आयोजन करता है तथा उन्हें प्रमाणित प्रमाण पत्र तथा डिप्लोमा भी जारी करता है।


(vi) अभिलेख तथा शोध : यह संस्थान उद्यमिता एवं छोटे व्यवसायों के विकास कार्यों के दस्तावेज भी इकट्ठे करता है तथा उन पर शोध कार्य भी करता है। इन शोध कोर्यों को उद्यमिता तथा व्यवसायों के विकास में तेजी लाने के लिए प्रकाशित भी किया जाता है।


(vii) कार्यशालाओं एवं सेमिनारों का आयोजन : लघु उद्योगों तथा व्यवसायों के विकास तथा उद्यमिता के विकास के लिए इस संस्था द्वारा कार्यशालाओं, सेमिनारों तथा सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है।


(viii) विचार-विमर्श के लिए मंच : यह संस्थान छोटे व्यवसायों एवं उद्योगों के विकास कार्यों में लगे विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों को विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए सांझा मंच भी प्रदान करता है।


(ix) क्षेत्रीय स्तरीय संस्थाएँ : यह राज्य स्तर तथा क्षेत्रीय स्तर पर उद्यमिता, छोटे व्यवसायों एवं उद्योगों के विकास के लिए विभिन्न संस्थाओं की स्थापना में भी सहायता करता है।