राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (NSIC) - National Small Industries Corporation Limited (NSIC)
राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (NSIC) - National Small Industries Corporation Limited (NSIC)
राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड की स्थापना सन् 1955 में एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के रूप में की गई थी। उसका मुख्य उद्देश्य देश में सूक्ष्म, लघु, तथा मध्यम आकार के व्यवसायों के व्यावसायिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उनकी सहायता करना, उनका प्रोत्साहन करना तथा उनके विकास में सहायता प्रदान करना है। यह सरकार द्वारा गुणवत्ता प्रमाणित ISO 9001:2000 कंपन है। यह अपनी सभी गतिविधि अपने 7 क्षेत्रीय कार्यालयों, 26 शाखा कार्यालयों, 15 उप कार्यालयों, 5 राष्ट्रीय तकनीकी केंद्रों, 2 सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्कों तथा 3 तकनीकी सेवा विस्तार केंद्रों की सहायता से करती है जो देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित हैं। इसका मुख्य उद्देश्य लघु उद्योगों की सहायता करना है।
यह अपना कार्य विभिन्न सुविधा प्रदान करते हुए करती है। उसके अतिरिक्त लघु उद्योगों को व्यवसाय के प्रत्येक क्षे9 में यह सहायता प्रदान करती है, जैसे- विपणन, सहायता, ऋण संबंधी सहायता, तकनीकी सहायता आदि। इस निगम के कुछ महत्त्वपूर्ण कार्य इस प्रकार से है:
(i) मिश्रित अवधि ऋण योजना के माध्यम से किराया क्रया पद्धति के अंतर्गत लघु उद्योगों को देशी व आयातित मशीनों के लिए आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध करवाना।
(ii) देशी तथा विदेशी कच्चे माल की खरीद, पूर्ति तथा वितरण करना।
(iii) लघु व्यवसायों के उत्पादों का निर्यात करना तथा उनकी निर्यात क्षमता को बढ़ावा देना।
(iv) सक्षम व्यावसायिक इकाइयों की पहचान करना तथा उन्हें सरकारी खरीद कार्यक्रम में शामिल करना।
(v) तकनीकी केंद्रों में सेवा के दौरान प्रशिक्षण देना।
(vi) तकनीकी परामर्श तथा अन्य व्यावसायिक परामर्श देना।
(vii) प्राथमिकता के आधार पर अन्य देशों में सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना ।
NSIC ने अपने स्थापना के सयम से ही देश के भीतर तथा विदेशों में अपनी गतिविधियों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
यह लघु उद्योगों में उत्पाद की गुणवत्ता सुधार करने, उनके उत्पादों का निर्यात करने, उनके बाजारों का विस्तार करने, उनके तकनीकी संयंत्रों का आधुनिकीकरण करने तथा उनका मध्यम एवं बड़े उद्योगों के साथ संबंध स्थापित करने जैसे महत्त्वपूर्ण कार्य करने में लगा हुआ है। NSIC विभिन्न रेटिंग एजेंसियों तथा विभिन्न भारतीय बैंकों के साथ लघु व्यवसायों के बेहतर प्रदर्शन करने तथा उनकी क्रेडिट रेटिंग की भी योजना पर कार्य करता है। इस योजना का उद्देश्य लघु उद्योगों को उनकी संगठनात्मक ताकत तथा ऋण पात्रता क्षमता बढ़ाना है। यह योजना नघु व्यवसायों को अपनी ताकतों तथा कमजोरियों का पता लगाने के लिए उन्हें जागृत करती है। NSIC द्वारा क्रेता-विक्रेता को एक मंच पर लाने के लिए विभिन्न संचार कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसमें थोक खरीदार सरकारी विभाग तथा लघु उद्यमी एक ही स्थान पर इकट्ठा हो पाते हैं, NSIC द्वारा लघु उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने,
उनकी विपणन क्षमता का विस्तार करने, उन्हें नए अवसरों की पहचान करने की दिशा में सराहनीय प्रयास किए जाते है। NSICद्वारा उद्यमियों के लिए विभिन्न व्यापार मेलों (राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर), पदर्शनियों, सेमिनार, सभाओं आदि में भाग लेने को प्रेरित करता रहता है।
पिछले कुछ वर्षों में व्यावसायिक वातावरण में बहुत अधिक परिवर्तन आ गए हैं तथा आज की 21 वीं सदी में लघु या मध्यम या बड़ी व्यावसायिक इकाइयों के लिए व्यवसाय में कड़ी प्रतियोगिता का वातावरण है। विशेषतौर पर छोटे उद्यमियों के लिए इनका सामना करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य बनता जा रहा है। NSIC द्वारा लघु व्यवसायियों की इन चुनौतियों को पूर्ण रूप से समझते हुए अपने विभिन्न कार्यों,
सेवा क्षेत्रों तथा नीतियों में परिवर्तन किया गया है तथा लघु व्यवसायों को प्रतिस्पर्धात्मक रूप से सुदृढ़ करने तथा
उनकी विकास की गति को बनाए रखने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रयास किए गए है।
• 2. भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान
यह भारत के शीर्ष उद्यमिता विकास संस्थानों में से एक है जिसे विभिन्न बैंकों जैसे (IDBI), (ICICI), (IFCI) तथा (SBI) का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। यह गुजरात औद्योगिक और तकनीकी परामर्श उद्यमिता विकास संगठन से उभरा है। इसे गुजरात सरकार का सक्रिय समर्थन प्राप्त है।
इसे राष्ट्रीय संसाधन संगठन के रूप में मान्यता प्राप्त है तथा यह उद्यमिता शिक्षा, शोध तथा प्रशिक्षण के कार्य करता है। यह 1983 में स्थापित किया गया। यह स्वायत्तता प्राप्त संस्था है, जिसका उद्देश्य लाभ कमाना नहीं है। यह उद्यमिता के क्षेत्र में पिछड़े क्षेत्रों तथा विशेष लक्ष्य समूह की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए अनुसंधान, प्रशिक्षण तथा संस्था निर्माण जैसी गतिविधियां करता है। इसके उद्यमिता विकास कार्यक्रमों में मुख्य रूप से निम्नलिखित गतिविधियाँ शामिल हैं:
(i) संभावित उद्यमियों का चयन करना
(ii) उपलब्धि प्राप्ति प्रेरणा के लिए प्रशिक्षण देना
(iii) परियोजना रिपोर्ट तथा उत्पाद के चयन संबंधी जानकारी व सहायता
(iv) व्यावसायिक प्रबंध संबंधी प्रशिक्षण
(v) व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा कार्य अनुभव
(vi) प्रशिक्षण के बाद भी प्रोत्साहित करना तथा अनुसरण करना
यह संस्थान इस अवधारणा पर कार्य करता है कि उद्यमी सिर्फ पैदा नहीं होते हैं अपितु अच्छी तरह द्वारा चलाए जा रहे उद्यमिता विकास कार्यक्रमों को सबसे पुराने, बड़े, विस्तृत तथा सबसे संगठित कार्यक्रमों में शामिल किया जाता है।
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