औद्योगिक सम्प्रेषण के उद्देश्य - Objectives of Industrial Communication

औद्योगिक सम्प्रेषण के उद्देश्य - Objectives of Industrial Communication


सम्प्रेषण के मुख्यतः निम्नलिखित चार उद्देश्य होते हैं :


1. आदेशों व निर्देशों का सभी सम्बन्धित व्यक्तियों को सही एवं स्पष्ट हस्तांतरण करना जब तक कर्मचारियों को यह पता न हो कि उन्हें क्या कार्य करना है : किन परिस्थितियों में करना है; किसके साथ मिलकर करना है तथा कार्य के लिए आवश्यक सामग्री आदि की आपूर्ति की स्थिति क्या है ? तब तक वे अपने कार्य का समुचित निष्पादन नहीं कर सकते। स्पष्ट आदेशों व निर्देशों के अभाव में भी संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया जा सकता।


2. विचारों व सूचनाओं का स्वतंत्र व बेरोकटोक आदान प्रदान करना संगठन में सभी स्तरों के कर्मचारी आपसी विचार विमर्श द्वारा अपनी समस्याओं का निवारण कर सकते हैं। उच्च प्रबन्धन,

उत्पादन एवं लागत सम्बन्धी विश्लेषण एवं योजनाएँ वित्तीय व्यवहार, आर्थिक अनुमान, व्यापारिक दशाएँ, बाग्य एवं आंतरिक परिस्थितियाँ, नयी योजनाओं कार्यक्रमों आदि के बारे में सूचनाएँ सम्बन्धित कर्मचारियों को उपलब्ध करवाकर उन्हें औद्योगिक शांति व उत्पादकता के उच्च स्तर को बनाए रखने तथा उनके कार्य मनोबल को ऊँचा रखने में सफल हो सकते हैं। यह सब प्रभावी संचार व्यवस्था के बगैर मुमकिन नहीं है।


3. कर्मचारी विकास सम्बन्धी सूचनाओं का संप्रेषण करना प्रबन्धननिष्पादन मूल्यांकन के परिणामों तथा कर्मचारियों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं के सम्बन्ध में आवश्यक सूचनाएँ एवं तथ्य,

संबंधित कर्मचारियों को संप्रेषित कर उन्हें अपने भविष्य की पदोन्नति एवं विकास के बारे में समुचित निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं।


4. सम्प्रेषण विचारों को कार्यरूप देने का माध्यम बना सके, इसका प्रयास करना प्रभावी सम्प्रेषण प्रणाली होने से संगठन में गलत धारणाएँ नहीं फैलतीं। बड़े संगठन का प्रबन्धन अपने लक्ष्यों के अनुरूप दृष्टि का विकास करता है। इसी के आधार पर विचार प्रवाह का एक ढाँचा तैयार हो जाता है। इस विचारों की श्रृंखला को नीचे के स्तरों पर सही रूप में सम्प्रेषित करके ही इन विचारों को कार्य रूप में परिणत किया जा सकता है। तभी उद्यम के लक्ष्यों की वर्तमान व भविष्य में प्राप्ति सम्भव नहीं हो सकती। औद्योगिक सम्बन्धों को सुचारू बनाए रखने के लिए भी प्रभावी संचार व्यवस्था आवश्यक है। चाल्र्स ई) रेडफील्ड के विचार से औद्योगिक सम्प्रेषण या तो इकाई को सुदृढ़ कर सकता है या फिर उसे नष्ट भी कर सकता है।