कंपनी का ऑनलाइन पंजीकरण - online registration of company
कंपनी का ऑनलाइन पंजीकरण - online registration of company
कंपनी का समामेलन या पंजीकरण कंपनी के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। कंपनी कारोबार मंत्रालय का प्रोजेक्ट ई-गवर्नेन्स एमसीए 21 ने देश में कंपनियों के ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा दी है जिसकी आवश्यकता काफी समय से महसूस की जा रही थी।
कंपनियों के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए उठाये जानेवाले कदम निम्नलिखित हैं :
1) संचालक पहचान संख्या हेतु प्रार्थना पत्र देना
2) डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण-पत्र प्राप्त करना एवं इसका पंजीकरण कराना
3) नया उपयोगकर्ता पंजीयन
4) कंपनी के प्रस्तावित नाम को स्वीकार कराना
5) कंपनी का समामेलन कराना
1) संचालक पहचान संख्या
कंपनी के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए सर्वप्रथम संचालक पहचान संख्या के प्राप्त करना होता है। इस हेतु सभी विद्यमान एवं इच्छुक संचालकों को निर्धारित प्रक्रिया को अपनाकर निश्चित समय के भीतर संचालक पहचान संख्या प्राप्त करना होता है।
संचालक पहचना संख्या प्राप्त करने हेतु आवेदनकर्ता को ई-फॉर्म डीआईआर 3 को फाइल करना होता है।
2) डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र प्राप्त करना एवं पंजीयन कराना -
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 इलेक्ट्रॉनिक रूप से फाइल किये जानेवाले प्रपत्रों की सुरक्षा एवं प्रमाणिकता को सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा किये गये प्रपत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षरों के उपयोग की व्यवस्था करता है।
अपने प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु कंपनी को लाइसेन्सधारक प्रमाणनकर्ता प्राधिकारी को प्रार्थना-पत्र देना होता है।
यह प्राधिकारी डिजिटल हस्ताक्षरों को जारी करता है। प्रमाणनकर्ता प्राधिकारी उचित जांच-पड़ताल करके सूचना प्रौद्योगिकि अधिनियम, 2000 की धारा 35 के अधीन डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण-पत्र देता है।
अपने हस्ताक्षरकर्ताओं के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण-पत्रों के प्राप्त कर लेने पर प्रस्तावित कंपनी द्वारा अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से कंपनी कारोबार मंत्रालय में इन डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्रों का पंजीयन कराया जाता है।
3) नया उपयोग कर्ता पंजीकरण
एमसीए पोर्टलपर कोई ई-फॉर्म फाइल करने अथवा ऑनलाइन भुगतान वाली कोई सेवा प्राप्त करने के लिए प्रस्तावित कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों को पहले स्वयं को सुसंगत उपयोगकर्ता श्रेणी जैसे पंजीकृत उपयोगकर्ता अथवा व्यावसायिक उपयोगकर्ता के रूप में पंजीयन कराना होता है।
4) कंपनी के प्रस्तावित नाम की स्वीकृति प्राप्त करना
कंपनी के समामेलन से पूर्व ऐसे व्यक्तियों जो कंपनी के निर्माण करने के इच्छुक हो, को कंपनी पंजीयक से कंपनी के प्रस्तावित नाम के उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
निम्नलिखित प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए कंपनी का कोई भी नाम चुना जा सकता है:
1. प्रत्येक कंपनी के नाम के अंत में निजी कंपनी की दशा में प्राइवेट लिमिटेड तथा सार्वजनिक कंपनी की दशा में लिमिटेड शब्द जोड़े जाते हैं परन्तु असीमित कंपनियों की दशा में केवल नाम दिया जाता है।
ii. चुना हुआ नाम केन्द्र सरकार के विचार में अवांछनीय नहीं होना चाहिए था कंपनी का नाम किसी अन्य समामेलित निकाय या फर्म के समतुल्य अथवा अत्यधिक मिलता-जुलता नहीं होना चाहिए।
उपरोक्त प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए आवेदकों को फॉर्म आईएनसी-1 को भरकर पंजीकरण के लिए कंपनी के नाम की स्वीकृति हेतु आवेदन करना चाहिए।
5) कंपनी का समामेलन कराना
नाम की स्वीकृति के बाद प्रस्तावित कंपनी के प्रकार के अनुसार, आवेदकों को नीचे दिये गये आवश्यक समामेलन फॉर्मों को फाइल करना होता है:
ई-फॉर्म आइएनसी 7 कंपनी के समामेलन हेतु आवेदन पत्र
ई-फॉर्म डीआईआर - 12 - संचालकों एवं मुख्य प्रबंधकीय कर्मचारियों की नियुक्ति तथा उनमें परिवर्तन का विवरण।
ई-फॉर्म आईएनसी – 21 पंजीयत कार्यालय के स्थान या स्थान में परिवर्तन की सूचना ।
कंपनी कारोबार मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा फॉर्मों को स्वीकार कर लिये जाने पर आवेदकों को इसके संबंध ई-मेल द्वारा सूचित किया जाता है तथा फॉर्मों की स्थिति को स्वीकृत के रूप में बदल दिया जाता है। इस स्वीकृति के साथ कार्पोरेट पहचान संख्या दी जाती है। इस प्रकार कंपनी का ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा समामेलन हो जाता है।
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