अन्य प्रबंधकीय कर्मचारी वर्ग - Other Managerial Staff
अन्य प्रबंधकीय कर्मचारी वर्ग - Other Managerial Staff
कंपनी के अंतर्नियमावली द्वारा यदि अधिकार दिया गया हो तो कंपनी अपने दैनिक प्रशासन के लिए संचालक मंडल के अतिरिक्त निम्नखिलिखत कर्मचारी वर्ग में से किसी एक की नियुक्ति कर सकती है;
1 ) प्रबंध संचालक
2) प्रबंधक
कंपनी अधिनियम के अनुसार किसी कंपनी में प्रबंधक संचालक तता प्रबंधक की एक साथ नियुक्ति करना निषिद्ध है। किसी कंपनी में एक समय परउपर्युक्त प्रबंधकीय कर्मचारी वर्ग में से केवल एक श्रेणी की ही नियुक्ति की जा सकती है।
परन्तु प्रबंध संचालक अथवा प्रबंधक के साथ पूर्णकालिक संचालक की नियुक्ति करना निषिद्ध नहीं है।
प्रबंध संचालक
कंपनी अधिनियम की धारा 2 (54) के अनुसार, प्रबंध संचालक का आशय एक ऐसे संचालक से है, जिसे कंपनी के साथ किए गए किसी करार के आधार पर अथवा कंपनी द्वाराअपनी साधारण सभा में अथवा संचालक मंडल द्वारापारित किसी संकल्प द्वारा, अथवा कंपनी की अंतर्नियमावली द्वारा ऐसी सारभूत प्रबंधकीय शक्तियाँ सौंपी गई हो जिनका प्रयोग वह अन्यथा न कर सकता हो और ऐसा संचालक भी सम्मिलित होता है जो प्रबंधन संचालक की स्थिति में कार्य कर रहा हो, चाहे वह किसी भी नाम से क्यों न पुकार जायें।..
उपर्युक्त परिभाषा से यह स्पष्ट है कि प्रबंध संचालक अनिवार्यतः एक ऐसा संचालक होना चाहिए जिसे प्रबंधन की सारभूत शक्तियाँ प्राप्त हो और जिसे ऐसी शक्तियाँ (क) करार, अथवा (ख) अंतर्नियमावली, अथवा (ग) मंडल के संकल्प, अथवा (घ) साधारण सभा के संकल्प द्वारा प्रदान की गई हों।
सामान्यतः अंतर्नियमावली द्वारा संचालक मंडल को मंडल की बैठक में पारित किए गए संकल्प द्वारा अपने में से किसी को प्रबंध संचालक के पद पर नियुक्त करने के अधिकार दिए जाते हैं और यह नियुक्ति एक अलग सेवा संविदा के अंतर्गत उसकी शक्तियाँ, कर्तव्य एवं सेवा की शर्तें निर्धारित करके की जाती है।
इस प्रकार, प्रबंध संचालक एक सेवाधीन संचालक होता है। चूँकि प्रबंध-संचाल अनिवार्यत: कंपनी का एक संचालक होना चाहिए अत: यदि वह कोई अयोग्यता अर्जित करनेकेकारण अथवा चक्रानुक्रम में रिटायर होने के कारण संचालन के रूप में कार्य करना बंद कर दे तो प्रबंध संचालक के रूप में उसकी नियुक्ति स्वतः समाप्त हो जाती है।
प्रबंधक
प्रस्तुत संदर्भ में प्रबंधक शब्द का अर्थ महाप्रबंधक के रूप में नियुक, कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से है। इसके अंतर्गत करखाना प्रबंधक, निर्माण कार्य प्रबंधक, बिक्री प्रबंधक जैसे कार्यकारी कर्मचारी नहीं आते है।
अधिनियम की धारा 2 (53) के अनुसार, प्रबंधक एक ऐसा व्यक्ति है जो संचालक-मंडल के अधीक्षण, नियंत्रण और निर्देशों के अधीन कंपनीके समूचे करोबार अथवा अधिकांश करोबार का प्रबंधन करता है
और इसमें कोई संचालक अथवा कोई ऐसा व्यक्ति भी शामिल है जो प्रबंधक की हैसियत से कार्यकर रहा हो, चाहे उसका पदनाम कुछ भी हो तथा चाहे उसकी नियुक्ति किस सेवा संविदा के अधीनकीगई हो अथवा नहीं।"
उपर्युक्त परिभाषा से यह स्पष्ट है कि प्रबंध संचालक तथा प्रबंधक के कार्य लगभग एक जैसे होते है। परन्तु यह महत्वपूर्ण है कि प्रबंध संचालक के पास प्रबंधन की संपूर्ण शक्तियां नहीं होती, उसके पास प्रबंधन की केवल सारभूत शक्तियाँ होती है। इस प्रकार प्रबंध संचालक की शक्तियाँ प्रबंधकी अपेक्षा सीमित होती है।
वार्तालाप में शामिल हों