ट्रिब्यूनल से आवेदन करने के हकदार पक्ष - The parties entitled to apply to the Tribunal

ट्रिब्यूनल से आवेदन करने के हकदार पक्ष - The parties entitled to apply to the Tribunal


कंपनी अधिनियम की धारा 244 में अत्याचार एवं कुप्रबंधन के मामलों में राहत के लिए ट्रिब्यूनल से आवेदन करने का अधिकार रखने वाले सदस्यों की संख्या का उल्लेख किया गया है, जो निम्नलिखित हैं:


क) शेयर पूंजी वाली कंपनियों की दशा में कंपनी के कम-से-कम एक सौ सदस्य अथवा उसकी कुल सदस्य संख्या का दसवाँ भाग, इनमें से जो भी कम हो, अथवा कोई सदस्य या सदस्य गण जिसके पास कंपनी की निर्गमित शेयर पूंजी का कम-से-कम 10 % भाग हो तथा जिन्होंने अपने शेयरों पर देय सब भांग राशियों का भुगतान कर दिया है।


ख) बिना शेयर पूँजी वाली कंपनियों की दशा में कंपनी के सदस्यों की कुल संख्या के कम-से-कम 20 % सदस्य। 


ग) किसी भी अपेक्षाकृत कम संख्या में सदस्य यदि इसके लिए ट्रिब्यूनल द्वारा आवेदन किये जाने पर प्रतिकृत किया गया हो।


घ) स्वयं केन्द्र सरकार ट्रिब्यूनल को आवेदन कर सकती है यदि इसके विचार में कंपनी का कारोबार लोकहित के प्रतिकूल ढंग से चलाया जा रहा है।


कंपनी अधिनियम की धारा 244 (2) के अनुसार अपेक्षित संख्या में सदस्यों की सहमति प्राप्त करने के पश्चात् कोई एक अथवा अधिक सदस्य शेष सदस्यों की ओर से तथा उनके लाभ के लिए वाद प्रस्तुत कर सकता है। याचिका प्रस्तुत करने के पश्चात् यदि कुछ हस्ताक्षरकर्ता अपनी सहमति वापस ले लेते हैं अथवा कंपनी की सदस्यता छोड़ देते हैं, तो इससे याचिका की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।