शेयर पूँजी का घटाना - reduction of share capital
शेयर पूँजी का घटाना - reduction of share capital
यह सुनिश्चित करने के लिए कि कंपनी की परिसम्पत्ति उसके शेयर धारियों में बिना रोक-टोक न बाँट दी जाए, कंपनी अधिनियम के अंतर्गत शेयर पूँजी को घटाने से संबंधित कठोर प्रतिबंध लगाए गए हैं। केवल वैद्य और युक्तियुक्त प्रयोजनों के लिए ही शेयर पूँजी को घटाने की अनुज्ञा दी जा सकती है। उदाहरण के लिए किसी कंपनी के निम्न परिस्थितियों में शेयर पूँजी घटाने की अनुज्ञा दी जा सकती हैं:
i. ऐसी शेयर पूँजी बट्टे खाते डालना जो डूब चुकी है या उपलब्ध परिसंपत्ति जिसका प्रतिनिधित्व नहीं करती;
ii. ऐसी दत्त शेयर पूँजी को शेयर धारियों को लौटाना जो कंपनी की आवश्यकताओं से अधिक है तथा जिसका लाभदायक उपयोग नहीं किया जा सकता।
शेयर पूँजी को घटाने की प्रक्रिया
शेयर पूँजी को घटाने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
i. शेयर पूँजी को घटाने के लिए सर्वप्रथम विशेष संकल्प पारित किया जाना चाहिए तथा संकल्प पारित करने के 30 दिन के भीतर संकल्प की एक प्रतिलिपि रजिस्ट्रार को भेजी जानी चाहिए।
ii. शेयर पूँजी में कमी किये जाने की पुष्टि कराने के लिए ट्रिब्यूनल में याचिका प्रस्तुत की जानी चाहिए। ट्रिब्यूनल द्वारा ऐसी याचिका की सूचना केन्द्र सरकार, कंपनी रजिस्ट्रार, सूचीयत कंपनी की दशा में सेबी एवं कंपनी के लेनदारों को दी जायेगी।
ट्रिब्यूनल सूचना की प्राप्ति की तिथि से तीन माह की अवधि के भीतर इसे दिये गये रिप्रजेन्टेसन, यदि कोई हो, को ध्यान में रखते हुए याचिका पर विचार करेगा।
iii. ट्रिब्यूनल पहले स्वयं को इस बात से संतुष्ट करेगा कि पूँजी के घटाये जाने से लेनदारों एवं शेयरधारकों के हितों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। ट्रिब्यूनल आदेश देने से पूर्व यह सुनिश्चित करेगा:
क) कि ऐसे सभी व्यक्तियों को जिनके हित परिवर्तन से प्रभावित होने वाले हों, समुचित सूचना दे दी गई हैं;
ख) कि प्रस्तावित परिवर्तन का विरोध करनेवाले प्रत्येक लेनदार के ऋण का या तो भुगतान कर दिया गया है अथवा उसकी सहमति प्राप्त कर ली गई है; तथा
ग) कि प्रस्तावित शेयर पूँजी में कमी, कंपनी के सब प्रकार के शेयरधारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित तथा न्यायसंगत है।
यदि ट्रिब्यूनल पूर्ण रूप से संतुष्ट हो जाता है। वह ऐसी शर्तों के अधीन जिन्हें वह उचित समझता है, शेयर पूँजी में कमी की पुष्टि का आदेश जारी कर सकता है।
iv. इसके पश्चात् ट्रिब्यूनल द्वारा दिये गये शेयर पूँजी को घटाने संबंधी सहमति के आदेश को कंपनी उसी तरीके से प्रकाशित करेगा जैसा ट्रिब्यूनल ने निर्धारित किया है।
V. ट्रिब्यूनल के पुष्टिकरण आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि परिवर्तित ज्ञापन पत्र की प्रतिलिपि के साथ, आदेश की तिथि के 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रार के पास भेजी जानी चाहिए। रजिस्ट्रार उक्त प्रलेखों का पंजीकरण कर लेगा तथा कंपनी को ऐसी पंजीकरण का प्रमाण-पत्र जारी कर देगा। रजिस्ट्रार द्वारा पंजीकरण की तिथि से शेयर पूँजी में की जानेवाली कमी प्रभावशाली होगी।
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