संचालकों का दायित्व - responsibilities of operators
संचालकों का दायित्व - responsibilities of operators
जब तक संचालक अपने अधिकारों के अंतर्गत नेकनीयत और सदभावपूर्वक कार्य करें तथा अपने कर्तव्यों के पालन में समुचित सावधानी बरते तो उनका कोई व्यक्तिगत दायित्व नहीं होता। परन्तु निम्नलिखित परिस्थियों में संचालक कंपनी के प्रति हानि-पूर्ति करने के लिए व्यक्तिगत रूप से दायी बन सकते है :
i) शक्तिबाध्य कार्यों के लिए :-संचालक यदि ज्ञापन पत्र के सीमा क्षेत्र के बाहर अथवा अपनी शक्तियों के अधिकार क्षेत्र के बाहर संविदाएँ करे जैसे कि समूचेपक्रम को बेचना।
ii) विश्वास भंग करने के लिए :-यदि संचालक गुप्त लाभ अर्जित करें या कंपनी के धन का उपयोग अपने निजी कार्य के लिए करें।
iii) बेईमानीपूर्व कार्य करने के लिए :-यदि संचालक कंपनी के साथ कोई बेईमानीपूर्वक कार्य करे जैसे कि पहले स्वयं अपने नाम पर सामान खरीदना और फिर लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से उसे ऊँचे मूल्य पर कंपनी को बेच देना।
v) जान-बूझकर किए गए दुराचारण के लिए :-यदि संचालक जान-बूझकर कोई दुराचरण करता है। जैसे कि जान-बूझकर कंपनी की संपत्ति का अपहरण करना ।
vi) अपने सह-संचालकोंके कार्यों के लिए: एक संचालक अपने सह-संचालकों के कार्यों अथवा दुराचारण के लिए दायी नहीं होता है क्योंकि वे उसके एजेन्ट नहीं होते।
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