लघु उद्योग विकास संगठन (SIDO) - Small Industries Development Organization (SIDO)
लघु उद्योग विकास संगठन (SIDO) - Small Industries Development Organization (SIDO)
लघु उद्योग विकास संगठन लघु स्तरीय उद्योगों के विका के लिए नीति निर्माण करने, प्रोत्साहन कार्यों को बढ़ावा देने तथा उनमें समन्वय स्थापित करने के लिए, स्थापित किया गया शीर्ष संगठन है। यह उद्यमिता विकास कार्यों में सम्मिलित विभिन्न वित्तीय तथा अन्य संस्थानों के साथ बेहतर संबंध तथा समन्वय स्थापित करता है। यह देश में लघु व्यवसायों के लिए व्यापक सेवाएं प्रदान करता है, जैसे- परामर्श, तकनीकी प्रबंधकीय, आर्थिक तथा विपणन संबंधी सहायता । यह संगठन 27 लघु उद्योग सेवा संस्थानों, 31 शाखा संस्थानों, 38 विस्तार केंद्रों, 4 क्षेत्रीय परीक्षण केंद्रों, 20 स्थानीय परीक्षण केंद्रों, 4 उत्पाद सहप्रक्रिया केंद्रों, 2 जूता प्रशिक्षण केंद्रों एवं 4 उत्पादन केंद्रों के माध्यम से संपूर्ण देश अपनी सेवाएँ प्रदान करता है। सभी लघु उद्योग जो विभिन्न बोर्डों तथा एजेंसियों से जुड़े हुए हैं,
जैसे KVIV, Coir Boards, central Silk Board आदि, वे सभी इस संगठन के अधिकार क्षेत्र में आते है।
लघु उद्योग विकास संगठन के मुख्य कार्य
इस संगठन के मुख्य कार्यों को तीन हिस्सों में विभाजित किया जाता हैः समन्वय, औद्योगिक विकास तथा विस्तार सेवाएँ। इनका वर्णन इस प्रकार से है:
(A) समन्वय संबंधी कार्य इस श्रेणी में संगठन के मुख्य कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:
(i) लघु स्तरीय उद्योगों के विकास के लिए राष्ट्रीय नीति का विकास करना,
(ii) राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों एवं नीतियों में समन्वय स्थापित करना,
(iii) संबंधित केंद्रीय मंत्रालय, योजना आयोग, राज्य स्तरीय वित्तीय संस्थानों के साथ संपर्क / संबंध बनाए रखना,
(iv) औद्योगिक बस्तियों के विकास से संबंधित कार्यक्रमों में समन्वय स्थापित करना।
(B) औद्योगिक विकास से संबंधित कार्य: इस श्रेणी में संगठन के मुख्य कार्य इस प्रकार से हैं :
(i) लघु स्तरीय उद्योगों द्वारा तैयार किए जाने वाले आरक्षित उत्पादों को सुरक्षित रखना,
लघु उद्योगों द्वारा स्वदेशी तथा आयातित कच्चे माल की आवश्यकता का अनुमान लगाना तथा उसकी पूर्ति की व्यवस्था करना,
आयात की जाने वाली उपभोक्ता वस्तुओं के संबंध में आंकड़े इकट्ठे करना तथा इस दिशा में नई इकाइयाँ स्थापित करने के लिए उद्योगों को प्रेरित करना तथा उनकी सहायता करना,
(iv) संचालित उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के मॉडल तैयार करना परियोजना रिपोर्ट के प्रारूप तैयार तथा उनके लिए आवश्यक साहित्य तैयार करना,
(v) छोटे उद्यमियों को सरकारी स्टोर खरीद योजना में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना।
(C) विस्तार सेवा संबंधी कार्य : इस श्रेणी में संगठन के मुख्य कार्य इस प्रकार से है:
तकनीकी सेवाओं के लिए प्रावधान तैयार करना, जैसे -
(i) तकनीकी प्रक्रियाएँ, उत्पादन नियोजन, मशीनों का चयन, फैक्टरी लेआऊट तथा संरचना आदि के क्षेत्र में,
(ii) छोटे उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक रूप से मजबूत करने के परामर्श तथा प्रशिक्षण संबंधी प्रावधान बनाना,
(iii) छोटे उद्योगों को उनके उत्पाद को बाजार में बेचने के लिए विपणन सहायता संबंधी प्रावधान बनाना,
(iv) छोटै व्यवसायियों के आर्थिक सर्वेक्षण तथा सूचना सेवाएँ देने के लिए प्रावधान बनाना।
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