थिल एवं बोवी मॉडल - Thill and Bovee Model

थिल एवं बोवी मॉडल - Thill and Bovee Model


थिल एवं बोवी मॉडल के अनुसार संचार प्रक्रिया को पांच अवस्थाओं में बांटा गया है जो आपस में मिलकर प्रेषक एवं प्राप्तकर्ता को जोड़ती हैं। इस माडल को निम्नलिखित विरण से स्पष्टतया समझा जा सकता है।


2. सन्देशः प्रेषक के विचारों को जब शब्दों में व समझने योग्य चिह्नित अंकों में परिवर्तित कर दिया जाता है तो वह सन्देश बन जाता है।


3. प्रेषक : संचार प्रक्रिया की यह महत्त्वपूर्ण अवस्था है जिसे प्रेषक के द्वारा सन्देश को प्रेषित किया जाता है।


4. प्राप्तकर्ता : जो सन्देश भेजा गया है उसके लिए प्राप्तकर्ता तथा उस सन्देश को समझने वाला भी होना चाहिए अन्यथा प्रेषक सन्देश निरर्थक हो जाता है।


5. प्रतिक्रियाः यह भी संचार प्रक्रिया मॉडल का एक मुख्य तत्त्व है। प्रेषित संदेश का उद्धेश्य तभी पूरा होता है जब प्राप्तकर्ता के द्वारा ठीक प्रकार से समझ लिया जाता है। इसके बारे में जानना ही प्रतिक्रिया संक्षेप में या निष्कर्ष रूप में व्यावसायिक संचार एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें विचार, प्रेषक, प्राप्तकर्ता, संवाद माध्यम तथा प्रतिपुष्टि निहित होती है।