साक्षात्कार के प्रकार - TYPES OF INTERVIEWS
साक्षात्कार के प्रकार - TYPES OF INTERVIEWS
साक्षात्कार के प्रमुख रूप से आठ प्रकार होते है -
(1) नौकरी सम्बन्धी साक्षात्कार (Employment Interviews ) – इस प्रकार के साक्षात्कार नए कर्मचारियों को चुनने के लिए किये जाते है। इसका उद्देश्य नियोक्ता को प्रार्थी के विषय में सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना होता है। इसमें आवेदक की योग्यताओं और गुणों को सीधे तौर से आमने सामने बैठकर मौखिक विचार विमर्श के द्वारा पहचानने और आँकने का कार्य किया जाता है। इस प्रकार के साक्षात्कार में साक्षात्कार देने वाले व्यक्ति की मुद्रा, बातचीत करने का तरीका, आचार-विचार तथा हाव-भाव के अवलोकन एवं विश्लेषण से उसकी रूचि, अभिप्रेरणा, स्वभाव, संतुलन उतरदायित्व ग्रहण करने की योग्यता, तत्काल बुध्दि तथा परिपक्वता आदि का मुल्यांकन किया जाता है।
(2) परिचय कराने वाला साक्षात्कार (Orientation Interviews ) - इस प्रकार के साक्षात्कार का उद्देश्य नए कर्मचारी को उसके कर्तव्य और संस्था के बारे में परिचित कराना होता है। इस तरह के साक्षात्कार में महत्वपूर्ण काम नियोक्ता का होता है, इसलिये उसे इस अवसर के लिये पर्याप्त तैयारी करनी चाहिए। इस साक्षात्कार में कर्मचारी को संस्था की संस्कृति, रीतियों, एवं मूल्यों के बारे में जानकारी दी जाती है साथ ही उसे कार पार्किंग के बारे में हिदायते, इंश्योरेंस कार्यक्रम के बारे में जानकरी, नौकरी विवरण पुस्तिका, कार्यालय के वैज्ञानिक उपकरण आदि के विषय में भी बताया जाता है। जो प्रबन्धक इस तरह का साक्षात्कार कर रहा है उसे कर्मचारी को स्पष्ट बताना चाहिए की उसे क्या काम करना है और कम्पनिको उससे क्या-क्या अपेक्षाएँ है।
(3) परामर्शदात्री साक्षात्कार ( Counseling Interviews) इस प्रकार के साक्षात्कार प्राय: कर्मचारियों की सहायता के लिये किये जाते है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना होता है। इस प्रकार के साक्षात्कार में हमेशा यह नहीं होता कि परामर्शदाता अपने आधीन छोटे कर्मचारी को बुलाकर बात करे बल्कि कभी -कभी अधिशासी को भी अपने अधीनस्थ कर्मचारी से पथ प्रदर्शन की आवश्यकता होती है।
(4) कार्य सफलता ऑकाने वाले साक्षात्कार ( Performance Appraisal Interviews) इस प्रकार के साक्षात्कार कर्मचारी की सफलता को पहचानने के लिए,
उसके काम की स्पष्ट तस्वीर दिखाने के लिये, सुधार की आवश्यकता पर बल देने के लिये और कर्मचारी को अपना कार्य कुशलता से करने की चेतावनी देने के लिये होते है। इस प्रकार के साक्षात्कार कर्मचारियों की कार्य कुशलता में वृध्दि करने तथा उनकी कमियों को दूर करने में सहायक होते हैं।
(5) शिकायत सम्बन्धी साक्षात्कार (Grievance Interviews ) शिकायत सम्बन्धी साक्षात्कार का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की शिकायत सुनकर दूर करना होता है। यह कर्मचारियों को यह अवसर प्रदान करता है की वह प्रबन्धको को संस्था के कार्यों और नीतियों के बारे में शिकायत कर सके। यदि साक्षात्कार में कर्मचारियों और नियोक्ता दोनों खुलकर बात करे तभी इस प्रकार की शिकायतो का निवारण सम्भव हो सकता है।
(6) संशोधन सम्बन्धी साक्षात्कार (Correctional Interviews ) इस प्रकार के साक्षात्कार, - कर्मचारी के विरुध्द अनुशासनात्मक कदम उठाने के लिए और संशोधनात्मक कार्यवाही करने के लिये किये जाते है। जिस कर्मचारी ने आचरण के नियमो का उल्लघं किया हो, अथवा संस्था के सहयोग को भंग किया हो तथा गम्भीर रूप से नौकरी की अपेक्षाओ का पूरा उतरने में असफल रहा हो, उसके विरुध्द इस प्रकार के साक्षात्कार किये जाते है। यह साक्षात्कार तभी करना चाहिए जब करना चाहिए जब दोनों दल शान्त हो तथा कर्मचारी को अपनी भावनाएँ व्यक्त करने का अवसर भी दिया जाना चाहिए।
(7) निर्गम साक्षात्कार (Exit Interviews ) इस प्रकार के साक्षात्कार प्राय: संस्था के किसी कार्यालय क्रिया विशेषज्ञ के द्वारा यह जानने के लिये किये जाते है की कोई कर्मचारी संस्था को क्यों छोड़कर जा रहा है।
इससे उन समस्याओं का ज्ञान प्राप्त होता है जिनका समाधान संस्था के प्रबन्धको को अवश्य ही करना चाहिए। इस तरह के साक्षात्कार में यदि कर्मचारी को यह आश्वासन दिया जाए की साक्षात्कार में उठाए गए मुद्दों को पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा तो यह अधिक लाभदायक रहता है।
(8) सुचना एकत्रित करने वाला साक्षात्कार ( ( Information Gathering Interviews ) - उत्पादक और कर्मचारी इस प्रकार के साक्षात्कार अपने उत्पादों में सुधार लाने के उद्देश्य से और उत्पादों को उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाने के लिये करते है। इसमें बहुत से साक्षात्कार करके आँकड़े एकत्रित किये जाते है। इन आँकडो का विश्लेषण करके अर्थ निकले जाते है और भविष्य की क्रिया निश्चित की जाती है।
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