संचालक का पद रिक्त होना - vacancy of director

संचालक का पद रिक्त होना - vacancy of director


धारा 167 के अनुसार, निम्नलिखित दशाओं में संचालक का पद स्वतः समाप्त हो जायेगा :


1) यदि वह धारा 164 में बताई गई अयोग्यताओं में से किसी अयोग्यत से ग्रस्त हो जाये;


2) यदि वह संचालक मंडल से अनुपस्थित रहने की अनुमति लिए बिना या अनुमति लेकर संचालक मंडल की बाहर माह के भीतर होने वाली सभी सभाओं से अनुपस्थित रहे;


3) यदि वह उन संविदों या व्यवस्थाओं जिनमें उसका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हित हो, संबंधी धारा 184 के उपबंधों का उल्लंघन करें;


4) यदि वह धारा 184 के उपबंधों के उल्लंघन में किए गए अपने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हित वाले किसी संविदे या समझौते में अपने हित को प्रकट करने में असफल रहे;


5) यदि वह न्यायलय या ट्रिब्यूनल के आदेश के कारण अयोग्य हो जाये;


6) यदि उसे नैतिक दुराचार या किसी अन्य अपराध के लिए न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया जाये तथा कम से कम छः मास के कारावास की सज्ञा दी जाये तो संचालक पद रिक्तहो जायेगा, चाहे उसने न्यायलय के ऐसे आदेश के विरूद्ध अपील फाइल कर दी हो।


7) यदि उसे नियंत्रक, सहायक या सहयुक्त कंपनी में किसी पद या अन्य रोजगार धारणकिए होने के कारण संचालक नियुक्त किया गया हो तथा उसका उस कंपनी में ऐसा पद या रोजगार समाप्त हो गया हो।