इनफॉर्मेशन का मूल्य - value of information

इनफॉर्मेशन का मूल्य - value of information


वैल्यू ऑफ इनफॉर्मेशन (VOI) की अवधारणा निर्णय विश्लेषण से समझा जा सकता है। VOI निर्णयकर्ता की संख्या पर निर्भर करती है। निर्णयकर्ता प्राथमिकता के आधार पर अत्यंत आवश्यक सूचनाओं का निर्णय लेता है।


1. मनुष्य को अपना तथा अपने समाज का निरंतर विकास करने के लिए किसी की सहायता की जरूरत होती। बिना किसी सहायता से एवं भागीदारी से किसी समाज या संस्था का विकास नहीं किया जा सकता है। वैल्यू ऑफ इनफॉर्मेशन इसी से संबंधित है।


यह मूल्य केवल उन व्यक्तियों से संबंधित होती है जो कि इसका उपयोग करते हैं

अर्थात् वह कब उपयोग करते हैं और वह किसके लिए उपयोग करते हैं। इसीलिए वैल्यू ऑफ इनफॉर्मेशन का कोई भी निर्धारण उपरोक्त सूचनाओं के द्वारा सहयोग, निर्णयकर्ता के मूल्य से संबंधित होता है।


उदा. के लिए – किसी निर्जन स्थान में दो व्यक्ति गुम जाते हैं। इनमें से एक व्यक्ति को पीने के लिए पर्याप्त जल मिलता है अर्थात् उसे आवश्यकता से अधिक पीने के लिए पर्याप्त जल मिलता है। एवं दूसरा व्यक्ति को पीने के लिए पानी ही नहीं है। अगर अब अन्य व्यक्ति इन दोनों व्यक्तियों के पास यह सूचना प्राप्त करवाना चाहता है कि किसके पास पीने का पानी की सप्लाई अच्छी है,

तो ऐसी स्थिति में सूचना का मूल्य उसके लिए निश्चित ही अधिक होगा जिसके पास पीने के पानी की सप्लाई ही नहीं है। जो प्यासा है उसके लिए यह इनफॉर्मेशन बहुत ही वैल्यूएबल होगी। अर्थात् उस व्यक्ति के लिए वह समय मूल्यवान होगा, जब वह यह जान ले कि वह प्यासा होने के बावजूद इन परिस्थितियों में सर्वाइव कर सकता है।


दुर्भाग्यवश अगर यह सूचना उस प्यासे व्यक्ति एक पहुंचने में देरी हो जाती है एवं अधिक प्यास के कारण उस व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तब इस सूचना का मूल्य शून्य हो जाता है। तो हम देख सकते है कि अलग-अलग समय पर एक ही सूचना अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग मूल्य की होगी।


अतः यह कहा जा सकता है कि सूचना का मूल्य उसके संबंधित टास्क पर निर्भर करता है एवं सूचना की कोई पूर्ण मूल्य नहीं होती है। जबकि सूचना के मूल्य के सामान्य गणितीय एवं आर्थिक स्पष्टीकरण पता चलता है कि अगर कोई घटना घटित होने की अपेक्षा से अगर कम होती और उस घटना के होने की सूचना पता होती है तो ऐसी सूचना मूल्यवान है।


उदा. अगर किसी को कोई यह जानकारी मिल जाए कि वह जहाँ रहता है वहाँ पर 10.5 परिमाण का भूकंप का झटका लगने वाला है तो यह सूचना उसके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अर्थात उस जानकारी से महत्तवपूर्ण है कि उसे MCA की परीक्षा पास करने के लिए BCA की परीक्षा उत्तीर्ण करनी है। पहली वाली घटना इसलिए मूल्यवान है क्योंकि वह घटना अपेक्षित नहीं थी किंतु दूसरी घटना की जानकारी उसे पहले से ही ज्ञात थी इसलिए यहाँ सूचना का मूल्य कम है। अतः संपूर्ण बाजार की प्रणाली इसी 'सूचना' के मॉडल पर काम करता है। अनिर्धारित सूचना का मूल्य जटिल होता। (उदा. - यदि घोड़े की रेस में जितनी भी रेस हुई उसमें वही घोड़े जीतने है जिनमें पैसे की बोली नहीं लगाई है तो ऐसी अनअपेक्षित स्थिति में सूचना का मूल्य जटिल होगा)।


उदा. - यदि साक्षात्कार में उपस्थित होने के लिए किसी विद्यार्थी ने अपने अपेक्षित विषय की तैयारी करके जाता है किंतु साक्षात्कार के दौरान उससे उसकी अपेक्षा अनुसार कोई भी सवाल नहीं किया जाता है तो ऐसी स्थिति में सूचना का मूल्य निकालना जटील है।