वैयक्तिक विक्रय के लाभ - benefits of personal selling
वैयक्तिक विक्रय के लाभ - benefits of personal selling
वस्तुओ का विक्रय दो प्रकार से होता है एक वैयक्तिक व दूसरा अवैयक्तिका वैयक्तिक विक्रय में वस्तुओं के क्रेता व विक्रेता आमने-सामने होते है लेकिन अवैयक्तिक विक्रय पत्र व्यवहार व टेलीफोन आदि से होता है। वैयक्तिक विक्रय में अवैयक्तिक विक्रय की तुलना में कुछ लाभ है जो इस प्रकार है।
1. भावी ग्राहको का पता लगाता है – वैयक्तिक विक्रय का सबसे पहला लाभ यह है कि इस तरीके से पूरे ग्राहको का पता लग जाता है जो या तो उनकी वस्तु के ग्राहक है या वे ग्राहक बन सकते है। इससे विक्रयकर्ता अपना ध्यान उस ओर एकाग्र होकर लगा सकता है। विज्ञापन व विक्रय संवर्द्धन इन बातो का पता नही लगा सकते है।
2. शंकाओ का समाधान करता है- वैयक्तिक विक्रय में क्रेताओं की शंकाओं का समाधान उचित रूप से किया जा सकता है। उनकी आपत्तियों का निवारण कर क्रय के लिए उचित वातावरण बना सकते है। ऐसा करने से आदेश मिलने की सम्भावनाएँ बढ़ जाती है।
3. वस्तु का प्रदर्शन करता है ग्राहक को वस्तु की लाभ प्रदत्ता व उसकी वाछनीयता का विश्वास दिलाने के लिए आवश्यक है कि उसको वस्तु का प्रयोग करने का उचित अवसर देते हुए उसका वास्तविक प्रदर्शन किया जाए। वैयक्तिक विक्रय वस्तुओं का प्रत्यक्ष प्रदर्शन करके यह अवसर प्रदान करता है।
4. विक्रय समाप्ति में सहायता देता है - वैयक्तिक विक्रय का एक लाभ यह भी है कि विक्रय समाप्ति में सहायता देता है यह शंकाओ का समाधान कर विक्रय के लिए दबाव डालता है। विज्ञापन व विक्रय संवर्द्धन तो क्रेता क्रय करने के लिए प्रेरित करते है लेकिन वे इतने प्रभावशाली नहीं होते जितना की व्यक्तित्व विक्रया
5. समय समान्जस्य – इसमें विक्रयकर्ता ऐसी व्यवस्था कर लेता है कि जब कभी भी क्रेता वस्तु को क्रय करने के लिए तैयार होता है विक्रयकर्ता उसी समय उपस्थित हो जाता है और उसको तुरन्त सेवा दे देता है।
6. संचार सुविधा प्रदान करता है - वैयक्तिक विक्रय निर्माताओं के लिए संचार सुविधाएं प्रदान करता है।
विक्रयकर्ता को वस्तुओ के विक्रय के संबंध में बहुत सी सूचनाएं प्राप्त होती है, जैसे बाजार दशाएं, प्रतियोगी क्रियायें, संस्था की नीतियों के बारे में ग्राहक की प्रतिक्रियायें आदि। विक्रयकर्ता इन सभी बातो को निर्माता तक पहुँचाता है जिससे की निर्माता अपनी नीतियों व वस्तुओं में आवश्यक परिवर्तन कर अपने आपको जीवित ही नही बल्कि उनको बढ़ाने में भी सहायता मिलती
7. गैर-विक्रय कार्य करता है एक विक्रयकर्ता का मुख्य कार्य विक्रय करता है लेकिन यह अपने विक्रय कार्य के अतिरिक्त अन्य गैर-विक्रय कार्य भी करता है जो निर्माता के लिए लाभकारी होते है: जैसे - बाजार अनुसंधान करना मरम्मत सेवा प्रदान करना, ग्राहको की शिकायतो का निवारण करना आदि।
8. सामाजिक प्रेरणा प्रदान करता है- वैयक्तिक विक्रय ग्राहक व विक्रयकर्ता के बीच एक भिन्नता जैसा सामाजिक संबंध बना देता है जिसका परिणाम यह होता है कि उसको आदेश मिलते रहते हैं और वह अपनी वस्तु बेचने में सफल हो जाता है।
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