बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज - Bombay Stock Exchange

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज - Bombay Stock Exchange


एशिया के सबसे प्राचीन शेयर बाजार 'बीएसई' की स्थापना 1875 में लोकप्रिय बाम्बे स्टाक एक्सचेंज' के रूप में हुई थी। भारतीय पूंजी बाजार के विकास में इस एक्सचेंज की व्यापक भूमिका रही है और इसका सूचकांक विश्वविख्यात है। मैनेजिंग डायरेक्टर के नेतृत्व में डायरेक्टर्स बोर्ड द्वारा एक्सचेंज का संचालन होता है। इस बोर्ड में प्रतिष्ठित प्रोफेशनल्स, ट्रेडिंग सदस्यों के प्रतिनिधियों और सार्वजनिक प्रतिनिधियों का समावेश है। एक्सचेंज भारत के छोटे - बड़े शहरों में अपनी उपस्थिति के साथ राष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है। बीएसई की सिस्टम और प्रक्रिया ऐसी है कि बाजार की पारदर्शिता और सुरक्षा बनी रहे। वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर, सर्वोच्च स्टाक एक्सचेंज के रूप में उभरने वाले इस एक्सचेंज के पास सवा सौ से अधिक वर्षों के भव्य इतिहास की समृद्ध विरासत है।


एक्सचेंज में 'ट्रेडिंग राइट' और 'ओनरशिप राइट' एक दूसरे से अलग है। ऐसी परिस्थिती में निवेशकों के हितों पर विशेष सावधानी बरती जाती है। एक्सचेंज इक्विटी, डेब्ट तथा प्युचर्स और ऑप्शन के व्यापार के लिए ढांचा एवं पारदर्शक ट्रेडिंग सिस्टम सुनिश्चित करता है। बीएसई की आनलाइन ट्रेडिंग प्रणाली बेहतरीन गुणवत्तावाली है। वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त इन्फार्मेशन सिक्युरिटी मैनेजमेंट सिस्टम का दर्जा BS 7799-2:2002 सर्टिफिकेट वाला है। BS 7799 ऑडिट डीएनवी (Det Norske Veritas) द्वारा किया गया था। यह प्रमाणपत्र प्राप्त करनेवाला बीएसई भारत का एकमात्र और विश्व का दूसरा एक्सचेंज है। जानकारी एकत्रित करने, जोखिम को नियंत्रित करने तथा तकनीकी प्रणाली और लोगों की सम्पत्ती की सुरक्षा के लिए BS 7799 अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत मानक है।


स्टॉक एक्सचेंज के उद्देश्य हैं।


एक्सचेंज पर सार्वजनिक लेनदेन करने के निवेश के हितों की रक्षा करना ।


प्रतिभूति लेनदेन में सम्माननीय और केवल प्रथाओं को स्थापित और बढ़ावा देना।


प्रतिभूतियों में निपटने के लिए अच्छी तरह से विनियमित बाजार को बढ़ावा देना, विकसित करना और बनाए रखना।


• कॉर्पोरेट प्रतिभूतियों में निवेश के माध्यम से कुशल संसाधन मोबिलिज़ेशन के माध्यम से देश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना।