उपभोक्ता निर्णय प्रक्रिया - consumer decision making
उपभोक्ता निर्णय प्रक्रिया - consumer decision making
इससे अभिप्राय उस प्रक्रिया से है जिसके अंतर्गत उपभोक्ता क्रय निर्णय तथा वस्तु या सेवा को उपयोग करने का निर्णय लेता है और कौन-कौन सी वस्तुओं से वह प्रभावित होता है।
उपभोक्ता निर्णय लेने की प्रक्रिया के तत्व
सांस्कृतिक, सामाजिक, मानसिक, व्यक्तिगत कारक आदि क्रय प्रक्रिया को प्रभावित करते है।
• जरूरतों की पहचान
सूचनाओं को खोजना
विकल्पों का मूल्यांकन
• उत्पाद को खरीदना
• वस्तु को उपयोग करने के बाद उपभोक्ता का व्यवहार
(1) जरूरतों की पहचान:- विपणन उपभोक्ता का उसकी वर्तमान स्थिति से उसकी इच्छित स्थिति तक पहुंचाने में सहायक होता है। विपणन के बहुत से स्त्रोत हो सकते है
जैसे- टी.वी. रेडियों आदि पर विज्ञापन, जन संपर्क, बिक्री संवर्धन आदि। इन सभी स्त्रोत के द्वारा उपभोक्ता को उत्पाद की आवश्यकता का पता चलता है तथा सूचनाओं की प्राप्ति होती है।
(2) सूचनाओं को खोजना:- देखकर सूंघकर स्वाद द्वारा स्पर्श द्वारा मनुष्य सूचनाओं को ग्रहण करता है अथवा ज्ञानेन्द्रियों के उपयोग से सूचनाएं प्राप्त करता है। किसी अपूर्ण जरूरत या इच्छा और उत्पाद का एहसास होना जो उपभोक्ताओं को संतुष्ट कर सकती है।
अपूर्ण इच्छा का एहसास होना
जब उपभोक्ता द्वारा उपयोग किए जाने वाले वर्तमान उत्पाद ठीक प्रकार कार्य न करता हो।
जब उपभोक्ता वर्तमान में उत्पाद का उपयोग न कर रहा हो।
जब कोई दूसरा उत्पाद, वर्तमान में उपयोग किए जाने वाले उत्पाद से अच्छा या बेहतरीन लगता हो ।
आंतरिक स्त्रोत
वह प्रक्रिया जिसके द्वारा पहले प्राप्त की गई सूचनाओं को याद करके सूचना प्राप्त की जाती है। किसी भी बाहरी स्त्रोत के द्वारा सूचना नहीं ली जाती।
बाहरी स्त्रोत
वह प्रक्रिया जिसमें हम बाहरी वातावरण से सूचनाएं ग्रहण करते हैं। इन सूचनाओं के अंतर्गत पडोस, सहकर्मियों, समाज के अन्य लोगों द्वारा उत्पाद के अनुभवी उपभोगताओं द्वारा सूचनाएं एकत्रित करता है।
(3) विकल्पों का मूल्यांकन:- विभिन्न सूचनाओं के आधार पर प्राप्त विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन बहुत आवश्यक है इसके आधार पर ही निष्कर्ष तक पहुंचा जाता है।
• उत्पादों के गुणों का अध्ययन करना
• उत्पादों को गुणों के आधार पर क्रम देना
(4) क्रय निर्णयः - खरीदे या न खरीदें विपणान यह निर्धारित करता है
कि उत्पाद के कौन से गुण उपभोक्ता के क्रय निर्णय को प्रभावित करते है। यदि उपभोक्ता को यह महसूस होता है. कि उत्पाद उनके लिए उपयोगी है और उनकी सभी जरूरतों को संतुष्ट करने के लिए पर्याप्त है तो उपभोक्ता क्रय निर्णय लेता है।
क्रय निर्णय के निम्नलिखित आधार हो सकते है:
• मूल्य
आवश्यकता हो पूर्ण करने वाले उत्पाद के गुण
अन्य उत्पाद से भिन्न
आसानी से उपयोग होने वाला
• आसानी से मिलने वाला
(5) क्रय के पश्चात् उपभोक्ता का व्यवहारः- एक उत्पाद को क्रय करने के पश्चात् उसके उपयोग करना तथा उपयोग के प्रभाव का पता लगाकर उपभोक्ता के व्यवहार पर उसका पता लगाना । निम्न तकनीकों द्वारा यह पता लगाया जा सकता है:
• प्रभाविक संचार द्वारा
पहले चरणों पर जाकर या प्रत्यक्ष जानकारी द्वारा
• गारंटी
• वारंटी
उपभोक्ता निम्न जानकारियों की खोज करता है
• क्या मैंनें एक अच्छा निर्णय लिया है?
• क्या मैंने ठीक उत्पाद को क्रय किया है?
क्या मुझे एक अच्छा मूल्य प्राप्त हुआ है यानी उत्पाद से फायदा हुआ है?
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