प्रबंधन प्रक्रिया में उपभोक्ता अनुसंधान - Consumer Research in Management Process
प्रबंधन प्रक्रिया में उपभोक्ता अनुसंधान - Consumer Research in Management Process
आकर एवं डे का मत है कि उपभोक्ता प्रबंध प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में उपभोक्ता अनुसंधान वांछित सूचनाएं प्रदान करता है तथा निर्यणन में सहायता करता है। निम्न तालिका उपभोक्ता प्रबंध प्रक्रिया तथा उपभोक्ता अनुसंधान के संबंध को बतलाती है :
उपभोक्ता प्रबंध प्रक्रिया एवं उपभोक्ता अनुसंधान
चरण 1 बाजार विश्लेषण
क्रयण व्यवहार, प्रवृत्ति, बाजार
बाजार को समझना
अवसरों एवं समस्याओं को
विशेषता एवं वातावरण के संबंध
पहचानना अवसरों एवं समस्याओं को समझना
में सूचना प्रदान करना
चरण - 2 उपभोक्ता कार्यक्रम का विकास उपभोक्ता कार्यक्रम के विकास
खण्डकरण निर्णय
( उत्पाद, कीमत, स्थान तथा
उत्पाद निर्णय
वितरण निर्णय
संवर्द्धन ) में सहायता करता है।
विज्ञापन एवं संवर्द्धन निर्णय
वैयक्तिक विक्रय निर्णय
• कीमत निर्णय
चरण – 3 उपभोक्ता कार्यक्रम का नियंत्रण
यह सूचना देता है कि उपभोक्ता
कार्यक्रम लक्ष्य प्राप्ति में कहां किया जाना चाहिए?
निष्पादन मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन
उपभोक्ता कार्यक्रम का परिष्कार
तक सफल रहा है तथा उसमें
किस प्रकार का वांछित परिवर्तन
नियोजन -
घरेलू अर्थव्यवस्था की आधारभूत प्रवृत्तिया क्या हैं और वे अपने उत्पाद के लिए बाजार को किस प्रकार प्रभावित करेंगी?
• उपभोक्ता क्रयण व्यवहार में हम किस प्रकार के परिवर्तनों की आशा कर सकते हैं? क्या यह परिवर्तन वास्तविक आय परिवर्तित रुचि, मूल्य एवं प्राथमिकता या वितरण वाहिका के स्वरुप में परिवर्तन पर आधारित होगा?
• विक्रय प्रतिनिधियों के संबंध में अगले दस वर्षों में हमारी आवश्यकताएं क्या होगी शाखा कार्यालय, वितरण केन्द्र या गोदाम?
■ किन नये बाजारों के खुलने की संभावना है? उन्हें पूरा करने के लिए किस प्रकार के उत्पादों तथा सेवाओं की आवश्यकता होगी? क्या कोई ऐसा बाजार है जिसमें हम सेवा नहीं कर पा रहे हैं?
क्या हमारे उत्पादों के लिए अपेक्षाकृत बेहतर वितरण वाहिकाएँ उपलब्ध हैं? किस प्रकार की नई उपभोक्ता संस्थाओं के उदित होने की संभावना हैं?
अन्य देशों में हमारे उत्पादों तथा सेवाओं के लिए क्या अवसर विद्यमान हैं? क्या हमारे अंतराष्ट्रीय उपभोक्ता प्रयास गहन रूप से पर्याप्त हैं?
(ii) समस्या समाधान
विभिन्न वैकल्पिक उत्पाद प्ररचनाओं में से कौन सी सबसे सफल रहेगी? अंतिम
उत्पाद में क्या निर्दिष्ट विशेषताएं होनी चाहिए?
क्या उत्पाद को बोतल या प्लास्टिक बैग में उपलब्ध कराया जाना चाहिए? पैकेज का क्या रंग होना चाहिए? हमारे कमजोर विक्रय निष्पादन के क्या कारण हैं, स्वयं उत्पाद या सेवा सुविधाए ?
किस प्रकार का परिवर्तन आवश्यक है?
प्रतिस्पर्धा द्वारा एक नया उत्पाद प्रस्तुत किये जाने की दशा में हमें क्या कदम उठाने चाहिए?
(iii) कीमत:
नये उत्पाद की कीमत कैसे निर्धारित की जानी चाहिए? क्या हमें निम्न मूल्य या उच्च मूल्य नीति का अनुसरण करना चाहिए?
उत्पाद पंक्ति तथा एकाकी उत्पाद के कीमत निर्धारण में कितना विचलन होना चाहिए?
क्या हमें निम्न कीमत पर ध्यान देना चाहिए या उत्पाद गुणवत्ता पर ? हमारी मांग रेखा का शक्ल क्या है?
(iv) स्थान :
किस प्रकार के व्यापारिक मध्यस्थों का प्रयोग किया जाना चाहिए?
फर्म के मध्यस्थों को किस सीमा तक छूट या कमीशन दिया जाना चाहिए?
सहकारी विज्ञापन प्रयास तथा निजी ब्राण्ड के संबंध में किस प्रकार के निर्णय का अनुसरण किया जाना चाहिए?
मध्यस्थों को प्रोत्साहित करने हेतु किस प्रकार के प्रलोभनों की विशेष आवश्यकता है? उत्पाद तथा सेवाओं के संबंध में किस प्रकार के गोदाम, परिवहन तथा अन्य सुविधाओं का प्रयोग किया जाना चाहिए? संवर्द्धन :
कुल संवर्द्धन बजट कितना होना चाहिए तथा यह विभिन्न उतपादों एवं क्षेत्रों में किस प्रकार आंबटित किया जाना चाहिए?
विज्ञापन एवं विक्रय प्रस्तुतिकरण में किन विशिष्ट बातों का समावेश किया जाना चाहिए?
विक्रय प्रेरणाओं का किस सीमा तक उपयोग किया जाना चाहिए?
फर्म के उत्पाद एवं सेवाओं के लिए कौन-सा विज्ञापन सर्वाधिक उपयुक्त होगा?
उपभोक्ता जागरुकता के संदर्भ में हमारे पुराने विज्ञापन कार्यक्रम किस सीमा तक प्रभावी रहे हैं?
(vi) नियंत्रण
प्रत्येक उत्पाद रेखा का चालू बाजार भाग / विक्रय कितना है?
क्या हम विभिन्न बाजारों या भौगोलिक क्षेत्रों को कवर कर रहे हैं?
वर्तमान ग्राहकों के मध्य "निगम की छवि क्या, तथा कैसी है? क्या नये उत्पादों के लिए बनायी गयी योजना का अनुसरण किया जा रहा है?
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