उपभोक्ता अनुसंधान एवं बाजार अनुसंधान - Consumer Research & Market Research
उपभोक्ता अनुसंधान एवं बाजार अनुसंधान - Consumer Research & Market Research
सामान्यतः उपभोक्ता अनुसंधान और बाजार अनुसंधान को एक ही अर्थ में समझा जाता है, किन्तु वास्तव में इन दोनों में पर्याप्त अन्तर है। बाजार अनुसंधान उपभोक्ता अनुसंधान का ही एक अंग है। बाजार अनुसंधान का उद्देश्य निर्मित वस्तु या सेवा के उपभोक्ताओं और बाजार के विषय में भांति-भांति की उपयोगी जानकारी प्राप्त करना है। अन्य शब्दों में, इसका उद्देश्य यह जानना है कि वस्तु के ग्राहक कौन हैं? वे कहां रहते है उनकी आय कितनी है? वे उस वस्तु का कैसे और क्यों उपभोग करते हैं? क्या वह वस्तु ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करती है? क्या वह वस्तु उपभोक्तओं को आसानी से उपलब्ध हैं? इसके वितरण को कैसे सुधारा जा सकता है? भविष्य में उस वस्तु की मांग कैसी रहेगी? आदि
इस प्रकार, जहां उपभोक्ता अनुसंधान से संबंधित सभी कार्यों की खोजबीन करता है, वहां बाजार अनुसंधान में केवल वर्तमान एवं भावी ग्राहकों का अध्ययन किया जाता है। बाजार अनुसंधान में अनुसंधानकर्ता की दृष्टि उपभोक्ता पर केन्द्रित रहती है तथा जिन प्रश्नों का उत्तर अनुसंधानकर्ता चाहता है, वे सब उपभोक्ताओं के व्यवहार से संबंधित होते हैं। बाजार अनुसंधान के क्षेत्र में मुख्यतः अप्रांकित क्रियाओं को सम्मिलित किया जाता है:
(i) विशेष वस्तु के बाजार या सम्भावित मांग का पूर्वानुमान लगाना
(ii) ग्राहक की प्रवृत्ति तथा अभिप्रेरकों का अध्ययन
(iii) बाजार का खण्डकरण एवं उसकी लाभकारीता का तुलनात्मक अध्ययन
(iv) उत्पादों के लिए बाजार का स्थान व अन्य सुविधाओं का ज्ञान प्राप्त करना
(v) बाजार की प्रवृत्ति का अध्ययन व नये बाजारों का पता लगाना
बाजार अनुसंधान उपभोक्ता अनुसंधान का ही अंग है, जैसा कि निम्नांकित चित्र में प्रदर्शित किया गया है:
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