परिवार जीवन चक्र - family life cycle

परिवार जीवन चक्र - family life cycle


परिवार जीवन चक्र से अभिप्राय उन अवस्थाओं से होता है जिनसे एक परिवार हो कर जाता है। किसी भी विपणन मैनेजर को उत्पाद की मांग का पता लगाने के लिए परिवार जीवन चक्र का अध्ययन करना बहुत आवश्यक है। विपणनकर्ता परिवार के आकार परिवार के सदस्यों की आयु, वैवाहिक स्तर रोजगार, आय, आदि के आधार पर उत्पाद के बारे में निर्णय लेने में समर्थ होता है।


परिवार जीवन चक्र


परम्परागत जीवन चक्र


आधुनिक जीवन चक्र


परम्परागत जीवन चक्र परम्परागत जीवन चक्र को पांच अवस्थाओं में बांटा गया है


पहली अवस्था- पहली अवस्था के अंतर्गत कोई भी ऐसा व्यक्ति जो दूसरों पर निर्भर न हो, महिला या पुरूष। जो अब अपने माता-पिता के साथ नहीं रहते। ये लोग अपनी आय को किराया देने, घर सजावट, खरीदारी, मनोरंजन पर तथा कपड़ों पर खर्च करते है।


दूसरी अवस्था - यह अवस्था विवाह के एक दम बाद शुरू होती है तथा पहले बच्चे के जन्म तक चलती है। ये जोड़े अपनी आय को नया घर बनाने, घर का सामान बनाने, फर्नीचर, बर्तन आदि पर खर्च करते है।


तीसरी अवस्था यह अवस्था सामान्यता बीस साल तक चलती है।

लम्बी होने के कारण इस अवस्था को दुबारा कई अवस्थाओं में बांटा जा सकता है जैसे स्कूल से पहले की अवस्था, प्राथमिक विद्यालय उच्च विद्यालय कालेज आदि। इन अवस्थाओं मे परिवार की आया बदलती रहती है तथा साथ में आवश्यकताएं भी।


चौथी अवस्था:- इस अवस्था में माता-पिता स्वतंत्र होकर जीते है। बच्चे अपने कार्यों में व्यक्त तथा माता पिता से दूर हो जाते है। इस प्रकार यह उन जोडों के लिए नए बाजारों की खोज, सफर करना, घर को सजाना, आदि में व्यस्त हो जाते है। उत्पादों की सूचना प्राप्त करने के लिए ये लोग टेजीविजन, मैगजीन आदि का उपयोग करते है।


पांचवी अवस्था:- इस अवस्था में पारिवारिक जोड़े में से कोई एक व्यक्ति रह जाता है।

इस अवस्था में पारिवारिक जीवन चक्र में प्रभाव एक उत्पाद पर ही रह जाता है। आय उत्पाद प्राथमिक आदि के आधार उत्पाद व सेवाओं का क्रय किया जाता है।


आधुनिक परिवार जीवन चक्र:- आधुनिक जीवन चक्र परम्परागत जीवन चक्र से अलग है आधुनिक परिवार जीवन चक्र में तलाक देरी से विवाह होना, बच्चे होना या साथ में न रहना आदि बदलाव शामिल होता है। यह बहुत गतिशील जीवन चक्र है। ज्यादातर माता व पत्नियां कार्यकारी हो गई है। इन सब चीजों का उत्पाद क्रय पर बहुत अधिक असर पडता है ।