विक्रय संगठन की विशेषताएँ - Features of Sales Organization

विक्रय संगठन की विशेषताएँ - Features of Sales Organization


विक्रय संगठन के अनेक कार्य होते है जो निम्नवत है


अ) प्रशासनिक कार्य-विक्रय संगठन के निम्नलिखित प्रशासनिक कार्य होते हैं


1. नियोजन सम्बन्धी कार्य


• विभिन्न विक्रय क्रियाओं के सम्बन्ध में योजना बनाना जैसे विक्रय विभाग के आकार-प्रकार


का निर्धारण, गोदाम, शाखा, कार्यालयों का निर्धारण आदि ।


विक्रय नीतियों का निर्धारण करना जैसे विज्ञापन नीति साख नीति, वितरण नीति,


विक्रयकर्त्ताओं के चयन, प्रशिक्षण पारिश्रमिक की नीति, बाजार क्षेत्र नीति आदि।


• शोध सम्बन्धी नियोजन एवं पूर्वानुमान करना जैसे बाजार अनुसंधान, उत्पाद अनुसंधान, उपभोक्ता अनुसंधान आदि। 


• सूचनाओं एवं आँकड़ों का नियोजन करना जैसे सांख्यिकीय तथ्यो का संग्रहण, वर्गीकरण एवं विश्लेषण आदि।


2. उत्पाद सम्बन्धी नियोजन इससे सम्बन्धित निम्न कार्य है


• विक्रय की मात्रा के अनुसार उत्पादन की मात्रा का नियोजन 


• उपभोक्ता की मांग, रुचि तथा बाजार में प्रचलित फैशन के अनुसार वस्तु की किस्म का निर्धारण |


• नये उत्पाद के सम्बन्ध में निर्णया


3. पूँजी सम्बन्धी नियोजन इसके अन्तर्गत निम्न कार्य किये जाते है


विक्रय बजट का निर्माण


• विक्रय व्ययों का निर्धारण तथा अनुमान


विक्रय साख का नियोजन


• कोषो का विनियोजन


4. कार्यालय सम्बन्धी कार्य


कार्यालय के स्थान तथा कार्यों का निर्धारण।


• कार्य पद्धतियों का निर्धारण।


• विक्रय गोष्ठियो एवं सभाओ का प्रबन्ध


• विक्रय कर्मचारियों के विभिन्न कार्यों का नियोजन


ब) विक्रय कर्मचारी सम्बन्धी कार्य-विक्रय कर्मचारियों के प्रबन्ध एवं प्रशासन के सम्बन्ध में विक्रय संगठन निम्न कार्य करता है


• विक्रय कर्मचारियों तथा अधिकारियों में कार्य वितरण विक्रयकर्ताओं की भर्ती, नियुक्ति, साक्षात्कार, लिखित परीक्षाओं तथा मनोवैज्ञानिक परीक्षणों का आयोजन


• विक्रयकर्ताओं को प्रशिक्षण


• विक्रेताओं के पदोन्नति, स्थानान्तरण आदि की व्यवस्था ।


विक्रेताओं को विभिन्न प्रोत्साहन जैसे बोनस, कमीशन, भत्तो आदि का भुगतान


विक्रेताओं को पारिश्रमिक देने सम्बन्धी कार्य ।


• विक्रेताओं पर नियंत्रण सम्बन्धी कार्य जैसे विक्रय कोटा, विक्रय क्षेत्र आदि की व्यवस्था ।


• विक्रेताओं के अभिलेख तैयार करना।


विक्रेताओं की समस्याओं का समाधान।


स) संचालकीय कार्य-विक्रय संगठन के संचालकीय कार्य निम्न है


1. विपणन सम्बन्धी कार्य- इसके अन्तर्गत निम्न कार्य आते है


• विक्रय एजेन्सियो से सम्पर्क करना तथा उनका निर्धारण करना ।


विक्रय संवर्द्धन एवं विज्ञापन में समन्वय


• विक्रय कर्मचारियों के कार्यों मे समन्वय


• प्रतिस्पर्धियों के उत्पादों एवं व्यूहरचना का अध्ययन


2. वितरण सम्बन्धी कार्य- इसके अन्तर्गत निम्न कार्यों को शामिल किया जाता है


• वितरण बिन्दु निर्धारित करना


• वाहनो की व्यवस्था करना


• गोदामों की व्यवस्था करना


• उत्पाद की सुरक्षित पैकिंग करना।


3) व्यापारिक कार्य - इसके अन्तर्गत निम्न कार्य सम्मिलित होते है


• वस्तु एवं सेवाओं का उचित मूल्य निर्धारित करना


• विक्रय क्षेत्रो का विभाजन करना


• व्यापारियो से सम्बन्ध स्थापित करना


• तकनीकी सेवाओ, मरम्मत आदि की व्यवस्था करना।


4) विज्ञापन सम्बन्धी कार्य इससे सम्बन्धित निम्नलिखित कार्य है


एम.बी.ए.


• विज्ञापन एजेन्सी का चयन करना


• विज्ञापन साधनों तथा उपयुक्त माध्यमों का चुनाव करना


• विज्ञापन प्रति तैयार करना


• विज्ञापन विभाग, विज्ञापन एजेन्सी तथा विक्रयकर्त्ताओं में समन्वय बनाये रखना। 5) विक्रय-संवर्द्धन सम्बन्धी कार्य- इसके अन्तर्गत


• उपभोक्ता संवर्द्धन विधियों की प्रभावशीलता बनाये रखना


• मध्यस्थो को विभिन्न सहायताएँ प्रदान करना


• व्यापारिक प्रर्दशनियों का आयोजन करना


विज्ञापन एवं विक्रय संवर्द्धन के कार्यों में संतुलन स्थापित करना 6) जन-सम्पर्क सम्बन्धी कार्य- इसमें निम्न कार्य सम्मिलित किये जाते हैं


• ग्राहको की शिकायतो पर ध्यान देना


• विभिन्न उद्योगो तथा व्यापारिक संस्थाओं से सम्र्पक बनाये रखना।


• विक्रय सेवाओं में सुधार करना।


7) निर्यात सम्बन्धी कार्य इसमें निम्न कार्य सम्मिलित किये जाते है


• विदेशी बाजार की खोज करना


• विदेशो से प्राप्त आदेशो की पूर्ति करना


विदेशो में विज्ञापन एवं विक्रय प्रसार करना


• विदेशी प्रतिस्पर्धा, उपभोक्ता की रुचि आदि के बारे में अनुसंधान करना।