विक्रय प्रबन्ध की विशेषताएं या लक्षण - Features or Characteristics of Sales Management

विक्रय प्रबन्ध की विशेषताएं या लक्षण - Features or Characteristics of Sales Management


2. विक्रय प्रधान बिक्री प्रबन्ध में विक्रय अर्थात् बिक्री प्रधान है। इसमें उन सभी क्रियाओं का निर्देशन, नियन्त्रण एवं समन्वय किया जाता है जिसका सम्बन्ध विक्रय से है। ऐसा करने का उद्देश्य बिक्री में वृद्धि करना, व्ययो में कमी करना एवं लाभो को अधिकतम करना है।


3. विक्रय शक्ति का प्रबन्ध - विक्रय प्रबन्ध कर्मचारियों की भर्ती, चयन व प्रशिक्षण का कार्य करता है और कर्मचारियों को सुसज्जित करता है। उनके मार्ग निर्धारण व पर्यवेक्षण की व्यवस्था करता है तथा उसका पारितोषण तय करता है। कर्मचारी उचित रूप में कार्य करते रहें इसके लिए उनके कार्यों का समय समय पर मूल्यांकन व अभिप्रेरण करता है।


4. उद्देश्य विक्रय प्रबन्ध उद्देश्यात्मक होता है। यह उद्देश्य है पर्याप्त मात्रा में बिक्री करना, लाभों


में वृद्धि करना व संस्था का नियमित विकास। 5. निरन्तर प्रक्रिया विक्रय प्रबन्ध एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है अर्थात इसमें समय-समय पर आवश्यक परिवर्तन व संशोधन होते रहते है जिससे की वह संस्था की दृष्टि में न्याय संगत बना रहे।


6. विपणन प्रबन्ध का भाग विक्रय प्रबन्ध विपणन प्रबन्ध का एक भाग है। विपणन प्रबन्ध में वस्तु के बनाने के विचार से लेकर उत्पादन व उसके बाद की क्रियायें भी आती है जबकि विक्रय • प्रबन्ध में केवल बिक्री से सम्बन्धित क्रियाओं का ही समावेश होता है। इस प्रकार विक्रय प्रबन्ध का क्षेत्र विपणन प्रबन्ध के क्षेत्र से संकुचित है।