घरेलु निर्णय लेना - household decision making

घरेलु निर्णय लेना - household decision making


संदर्भ समूह के रूप में परिवार


परिवार की अवस्थाओं को इस प्रकार से बांटा गया है कि व्यक्तियों के उपभोग से संबंधित व्यवहारों का पता चल सके। परम्परागत अवस्था कंवरेपन से शुरू होकर शादी तथा परिवार के बढ़ने तक और इसके बाद परिवार के कम होने तक चलती थी। परंतु इस अवस्थाओं में कई प्रकार की कमियां पाई गई थी। जैसे- बच्चों से वहीन जोड़े देर में विवाह करने वाले लोग, एकल माता पिता अकेला व्यक्ति आदि। संदर्भ समूह से अभिप्राय जिन लोगों से हम उत्पाद लेने से पहले सलाह लेते है उत्पाद का संदर्भ लेते है। वह लोग उत्पाद को उपयोग कर चुके होते है।


आमतौर पर परिवार को निम्न प्रकार से विभाजित किया जा सकता है


वैवाहिक जोडे-एक पति और पत्नी । यह एक साधारण प्रकार है।


एकल परिवार एक पति और पत्नी तथा एक या ज्यादा बच्चे । यह एक सामान्य प्रकार है । विस्तृत परिवार एक पति पत्नी, एक या ज्यादा बच्चे तथा कम से कम एक दादा या दादी में से।


परिवार के लोगों का समाजीकरण


किसी भी परिवार का पहला उद्देश्य समाजीकरण करना होता है। बड़े बच्चों के लिए समाजीकरण उन्हें समाजिक मूल्य तथा आचरण सीखना होता है। यह मूल्य धार्मिक, वेशभूषा, जीवन यापन के साधन, अच्छी शिक्षा, प्रशिक्षण आदि से संबंधित होते है। विपणन का उद्देश्य माता पिता को समाजीकरण के लिए सहायता करना है ताकि माता-पिता अपने बच्चों के लिए उनके भविष्य से संबंधित निर्णय ले सके ।